मधुबनी में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की प्रगति को लेकर सोमवार को एक साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सुमन प्रसाद साह ने डीआरडीए कार्यालय कक्ष में इसकी अध्यक्षता की। यह बैठक डीएम आनंद शर्मा के निर्देश पर हुई। बैठक में भारत सरकार के पोर्टल पर प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के सभी संकेतकों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे योजना के सभी घटकों में साप्ताहिक प्रगति सुनिश्चित करें और शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करें। आपसी समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया
जिला कृषि पदाधिकारी और अग्रणी बैंक प्रबंधक को आपसी समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। उन्हें प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकारों के माध्यम से किसानों के बीच अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) आवेदन सृजित कराने को कहा गया। बैंक प्रबंधक को सूचित करने का निर्देश दिया
सभी आवेदनों को संकलित कर बैंक-वार बैंकों को उपलब्ध कराने और इसकी एक प्रति जिला कृषि पदाधिकारी के माध्यम से अग्रणी बैंक प्रबंधक को सूचित करने का निर्देश दिया गया, ताकि आवेदनों की निगरानी की जा सके। डीडीसी साह ने जिला कृषि पदाधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक मंगलवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ होने वाली ऑनलाइन बैठक में सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को भी शामिल किया जाए। सतत निगरानी के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित की जाएगी
इन बैठकों में किसान क्रेडिट कार्ड के लिए सृजित आवेदनों की समीक्षा की जाएगी और सतत निगरानी के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रदर्शन संकेतकों के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि जिले की समग्र रैंकिंग बेहतर हो सके। बैठक में सहायक निदेशक सह प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी शशिकांत कुमार, महाप्रबंधक (जिला उद्योग केंद्र), जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास अधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (लघु सिंचाई) और कृषि विज्ञान केंद्र, सुखेत के वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मधुबनी में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की प्रगति को लेकर सोमवार को एक साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सुमन प्रसाद साह ने डीआरडीए कार्यालय कक्ष में इसकी अध्यक्षता की। यह बैठक डीएम आनंद शर्मा के निर्देश पर हुई। बैठक में भारत सरकार के पोर्टल पर प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के सभी संकेतकों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे योजना के सभी घटकों में साप्ताहिक प्रगति सुनिश्चित करें और शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करें। आपसी समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया
जिला कृषि पदाधिकारी और अग्रणी बैंक प्रबंधक को आपसी समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। उन्हें प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकारों के माध्यम से किसानों के बीच अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) आवेदन सृजित कराने को कहा गया। बैंक प्रबंधक को सूचित करने का निर्देश दिया
सभी आवेदनों को संकलित कर बैंक-वार बैंकों को उपलब्ध कराने और इसकी एक प्रति जिला कृषि पदाधिकारी के माध्यम से अग्रणी बैंक प्रबंधक को सूचित करने का निर्देश दिया गया, ताकि आवेदनों की निगरानी की जा सके। डीडीसी साह ने जिला कृषि पदाधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक मंगलवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ होने वाली ऑनलाइन बैठक में सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को भी शामिल किया जाए। सतत निगरानी के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित की जाएगी
इन बैठकों में किसान क्रेडिट कार्ड के लिए सृजित आवेदनों की समीक्षा की जाएगी और सतत निगरानी के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रदर्शन संकेतकों के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि जिले की समग्र रैंकिंग बेहतर हो सके। बैठक में सहायक निदेशक सह प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी शशिकांत कुमार, महाप्रबंधक (जिला उद्योग केंद्र), जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास अधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (लघु सिंचाई) और कृषि विज्ञान केंद्र, सुखेत के वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


