Dhamtari News: धमतरी जिले में सडक़ दुर्घटनाओं ने आम लोगों को खौफ में डाल दिया है। सडक़ों पर रोज मौत की बिसात बिछ रही। पिछले 59 दिनों में 70 बार धमतरी जिले की सडक़ें खून से सनी। 70 दुर्घटनाओं में 42 घरों के चिराग बुझ गए। वहीं 63 लोग घायल हुए हैं। इनमें से कईयों की हालत गंभीर है। सडक़ हादसों का प्रमुख कारण ओवर स्पीड और नशापान सामने आ रहा है।
ज्यादातर दुर्घटनाएं बाईकों से हो रही। बड़े वाहन-बाइक और बाइक-बाइक में भिड़ंत से मौतें ज्यादा हो रही। वहीं कुछ सडक़ों में तकनीकी खराबी या बड़े वाहनों का दबाव कारण बना है। सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं कुरुद, भखारा क्षेत्र में हो रही है।
पुराना धमतरी रोड धमतरी-भखारा-रायपुर स्टेट हाइवे में लगातार हादसे हो रहे हैं। नशा कर वाहन चलाने के मामले में पुलिस कार्रवाई भी कर रही, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है।
दूसरी बार नशे में वाहन चलाते मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई हो
धमतरी जिला सहित पड़ोस जिलों की सरहद में दुर्घटनाग्रस्त लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने में समाजसेवी व रेडक्रास के उपाध्यक्ष शिवा प्रधान की प्रमुख भूमिका होती है। वे स्वयं व उनकी टीम घायलों को न केवल बिना विलंब अस्पताल लाते हैं, बल्कि वाहनों में बुरी तरह फंसे लोगों को निकालने में रेस्क्यू भी करते हैं। उन्होंने कहा कि धमतरी जिला सहित प्रदेशभर में दुर्घटनाओं का मुख्य कारण नशा और ओवर स्पीड वाहन चलाना है।
हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर कोई भी सजक नहीं है। हेलमेट नहीं पहनने के कारण ही ज्यादातर जानें जा रही है। पुलिस को इस ओर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। यदि कोई बाइक या बड़े वाहन चालक नशे में ड्राइव करते पकड़ाता है तो पहली बार वार्निंग, चालान काटने की कार्रवाई की जाए। दूसरी बार इसी हालत में मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई होनी चाहिए। हेलमेट में पेट्रोल पंप पहुंचे बाइक चालकों को ही पेट्रोल देना चाहिए।
सिर पर हेलमेट नहीं होने से गई 90 फीसदी जान
दोपहिया वाहन चालक हेलमेट को लेकर जागरूक नहीं हो रहे। धमतरी जिले में सबसे ज्यादा बाइक संबंधी दुर्घटनाएं हो रही है। हेलमेट नहीं पहनने के कारण ही मौके पर ही अधिकांश लोगों की जान जा रही है। पिछले 2 महीने में ही हुए सडक़ दुर्घटनाओं में 90 फीसदी मौतें दुपहिया वाहनों चालकों के सिर पर हेलमेट नहीं होना पाया गया। शहरी क्षेत्र में हेलमेट लगाने में असुविधा जैसे कारण सामने आते हैं। विडंबना है कि लोग ग्रामीण सडक़ों, स्टेट, नेशनल हाइवे में भी बाइक चलाने के दौरान हेलमेट नहीं लगा रहे हैं।
दो महीने में शराब सेवन के 127 प्रकरण बनाए
यातायात पुलिस द्वारा शराब सेवन, लापरवाही, ओवर स्पीड सहित अन्य ट्रैफिक नियमों को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले 2 महीने में शराब सेवन कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। 127 प्रकरण बनाए गए। इसी तरह यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 2590 प्रकरण बनाकर 5.76 लाख समंस शुल्क वसूला गया है। वहीं 437 प्रकरण न्यायालय भेजे गए हैं।
वर्सन
ओवर स्पीड और नशापान सडक़ दुर्घटना का प्रमुख कारण है। यातायात जागरूकता के अंतर्गत वाहन चालकों को जागरूक किया गया है। वाहन चालक जब तक जागरूक नहीं होंगे दुर्घटनाओं में कमी नहीं आएगी। इसके लिए स्वयं को जागरूक होना होगा। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
मोनिका मरावी, डीएसपी, यातायात


