ललितपुर की न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और गतिशील बनाने के उद्देश्य से इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर महत्वपूर्ण न्यायिक नियुक्तियों और पदोन्नतियों से संबंधित अधिसूचना जारी की गई है। इन प्रशासनिक बदलावों से लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और विधिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। अधिसूचना के अनुसार, सिविल जज (जूनियर डिवीजन) देवप्रिय सारस्वत को पदोन्नत करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ललितपुर का पूर्णकालिक सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने इस पद पर मयंक जायसवाल का स्थान लिया है। वहीं, निवर्तमान सचिव मयंक जायसवाल को ललितपुर का नया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 9(2) के अंतर्गत जनपद में आर्थिक अपराधों से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अधिकार भी प्रदान किए गए हैं। निवर्तमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि शंकर गुप्ता अब ललितपुर में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर कार्यभार संभालेंगे। इसके अतिरिक्त, अपर सिविल जज प्रथम (जूनियर डिवीजन) अदिति जैन को पदोन्नत कर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) (फास्ट ट्रैक कोर्ट) के पद पर तैनात किया गया है। इन नियुक्तियों में फास्ट ट्रैक कोर्ट और आर्थिक अपराधों जैसे विशिष्ट क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है। अदिति जैन की फास्ट ट्रैक कोर्ट में तैनाती से लंबे समय से लंबित दीवानी मामलों के त्वरित निस्तारण में सहायता मिलेगी, जबकि मयंक जायसवाल को आर्थिक अपराधों की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने से वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है। इसके अलावा, श्रीमती आकृति को अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन द्वितीय) से पदोन्नत कर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर नियुक्त किया गया है।


