विदिशा में गुरुवार को मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बेतवा नदी के घाटों पर पवित्र स्नान के लिए पहुंचे। शहर के प्रमुख घाटों, जिनमें बड़वाले घाट, चरण तीर्थ घाट, बहराबाबा घाट, हनुमान घाट और बाढ़ वाले गणेश मंदिर घाट शामिल हैं, पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। सुबह 9 बजे के बाद घाटों पर भीड़ और बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान के साथ-साथ दान-पुण्य भी किया। घाटों पर बैठे जरूरतमंदों को लोगों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार पैसे, खिचड़ी, तिल, गुड़, कपड़े और अनाज का दान किया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए थे। विभिन्न घाटों पर होमगार्ड के जवानों के साथ गोताखोरों को भी तैनात किया गया था, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदी में स्नान और दान-पुण्य करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष इस पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचते हैं। पंडितों के अनुसार, मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व है। इस वर्ष यह पर्व 15 जनवरी को मनाया गया। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण होते हैं, जिसे देवताओं का काल माना गया है। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने से सभी पापों का प्रायश्चित होता है। यदि यह स्नान-दान शुभ या अबूझ मुहूर्त में किया जाए, तो इसका पुण्यफल और अधिक बढ़ जाता है।


