मेडल जीतकर भी ‘सम्मान’ की रेस में पिछड़े:पात्रता के बाद भी 11 साल से 200 खिलाड़ी ‘उत्कृष्ट’ बनने की राह में अटके

मेडल जीतकर भी ‘सम्मान’ की रेस में पिछड़े:पात्रता के बाद भी 11 साल से 200 खिलाड़ी ‘उत्कृष्ट’ बनने की राह में अटके

छत्तीसगढ़ के पदक विजेता खिलाड़ी वर्षों से उस सम्मान का इंतजार कर रहे हैं, जिसका वादा उनकी उपलब्धियों के बाद किया गया था। राज्य के 200 से अधिक खिलाड़ी पिछले 13-14 सालों से ‘उत्कृष्ट खिलाड़ी’ घोषित होने की प्रतीक्षा में हैं, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। खिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने नेशनल और इंटरनेशनल टूर्नामेंट में मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया। उम्मीद थी कि सरकार उन्हें सम्मान और करियर सुरक्षा देगी, लेकिन वर्षों से केवल फाइलों में ही प्रक्रिया अटकी हुई है। खिलाड़ियों का आरोप है कि सरकारें बदलीं और अधिकारी भी बदले गए, लेकिन उनकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। दूसरी ओर विधानसभा में भी लगातार यह मामला उठाया जा रहा है। 450 आवेदन पहले ही अपात्र
खेल विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2018–19 और 2019–20 में उत्कृष्ट खिलाड़ी के लिए कुल 783 आवेदन मिले थे। इनमें 2018–19 में 344 और 2019–20 में 439 आवेदन शामिल थे। जांच में सामने आया कि करीब 125 खिलाड़ियों ने दो बार और 2–3 खिलाड़ियों ने तीन बार आवेदन किया था। छंटनी के बाद 650 आवेदनों की स्क्रूटनी की गई, जिसमें करीब 200 खिलाड़ी पुराने नियमों के अनुसार पात्र पाए गए, जबकि 450 आवेदन अपात्र कर दिए गए। उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित होने के बाद खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलने का रास्ता भी खुल जाता है। राज्य के सभी विभागों में 2 प्रतिशत पद उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए आरक्षित हैं। लेकिन घोषणा नहीं होने के कारण ये पद खाली पड़े हैं और खिलाड़ी नौकरी के अवसर से भी वंचित हैं। गौरतलब है कि 2015 तक राज्य में 100 से ज्यादा खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया जा चुका है, जिनमें से कई को सरकारी नौकरी भी मिल चुकी है। कब क्या हुआ 2015 तक
100 से ज्यादा खिलाड़ी उत्कृष्ट घोषित
2018-20
783 आवेदन प्राप्त
स्क्रूटनी के बाद
200 खिलाड़ी पात्र
अब तक – घोषणा लंबित खिलाड़ियों की नाराजगी
खिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने मेडल जीतने के लिए वर्षों तक मेहनत की और राज्य का नाम रोशन किया। लेकिन सम्मान और नौकरी दोनों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ पहला ऐसा राज्य हैं, जहां खिलाड़ियों को अपने हक के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। अप्रैल में होगी बैठक, फिर फैसला संभव
खेल अलंकरण और उत्कृष्ट खिलाड़ी को लेकर बैठक होना बाकी है। संभवत; मार्च में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के बाद अप्रैल महीने में बैठक के बाद दोनों की तारीख मिल जाएगी।
– तनुजा सलाम संचालक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग

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