सिवनी. जिले में जबलपुर लोकायुक्त टीम की कार्रवाई नियमित अंतराल पर जारी है। इसके बावजूद भी जिले में रिश्वतखोरी के मामले थमने की बजाय और बढ़ते जा रहे हैं। लोकायुक्त के द्वारा लगातार रंगे हाथों अफसर और कर्मचारी पकड़े जा रहे हैं। बावजूद इसके रिश्वतखोरी के मामलों में कमी नहीं आ रही है। जबलपुर लोकायुक्त टीम ने गुरुवार का ेजिले के बरघाट तहसील अंतर्गत ग्राम धपारा के पटवारी महेन्द्र बिसेन(51) को छह हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पटवारी जमीन सीमांकन के बाद पावती देने के एवज में रिश्वत मांग रहा था। एक माह में लोकायुक्त टीम की यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 22 जनवरी 2026 को टीम ने सिवनी के बरघाट में दबिश देकर 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ग्राम रोजगार सहायक को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। मामले में सिवनी जिले के बरघाट के ग्राम साल्हे कोसमी निवासी अब्दुल वाहब ने जबलपुर लोकायुक्त को शिकायत की थी। आवेदक की पत्नी सबीना बी के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम साल्हे कोसमी में आवास योजना में सबसे पहले नाम जोडऩे एवं आवास की राशि 150000 रुपए का आवंटन जल्दी कराने के लिए 5000 रुपए रिश्वत की मांग आरोपी ग्राम रोजगार सहायक ओमेंद्र कुमार पारधी ने की थी। सत्यापन के पश्चात आरोपी ग्राम रोजगार सहायक को निज निवास ग्राम साल्हे कोसमी में रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ ट्रैप किया गया। इससे पहले 15 जनवरी 2026 को जबलपुर लोकायुक्त टीम ने उड़ेपानी खरीदी केन्द्र प्रभारी को 1500 रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। वहीं इस मामले में कम्प्यूटर ऑपरेटर को भी सहआरोपी बनाया गया। आवेदक ने जबलपुर लोकायुक्त को शिकायत की थी। आरोप लगाया कि धान की तुलाई उपरांत भुगतान के लिए चालान देने के एवज में खरीदी केन्द्र प्रभारी आरोपी हसीब अंसारी पिता यासीन अंसारी(57) द्वारा 1800 रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही है। मामला 1500 रुपए में तय हुआ। लोकायुक्त टीम ने सत्यापन के पश्चात खरीदी केन्द्र प्रभारी हसीब अंसारी को 1500 रुपए लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
दिसंबर में वेयर हाउस मैनेजर हुआ था ट्रैप
12 दिसंबर 2025 को लोकायुक्त टीम ने धनौरा में मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन शाखा के आरोपी वेयरहाउस मैनेजर मुकेश परमार को 15000 रुपए की रिश्वत लेते हुए शाखा ऑफिस में ही रंगेहाथों गिरफ्तार किया था। धनौरा गांव निवासी जैन वेयर हाउस संचालक आवेदक सुरेन्द्र जैन(58) ने लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में की थी। शिकायत में आवेदक ने बताया था कि उसका नाई पिपरिया गांव में वेयरहाउस है। जहां धान खरीदी का केंद्र बनाया गया है। सरकारी वेयर हाउस मैनेजर मुकेश परमार वेयर हाउस में अव्यवस्था बताकर धान खरीदी केंद्र किसी और जगह करना चाह रहा था। आवेदक ने जब मैनेजर से ऐसा करने से मना किया तो उसने 25 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। बातचीत में आरोपी 15000 रूपये रिश्वत लेने के लिए तैयार हुआ। जबलपुर लोकायुक्त टीम ने अक्टूबर 2025 में सिवनी जिले में दो बार कार्रवाई की थी। 31 अक्टूबर 2025 की दोपहर आरोपी धनौरा ग्राम पंचायत सरपंच दिनेश कुमार को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। इससे पहले 16 अक्टूबर 2025 को भी केवलारी थाना में पदस्थ आरोपी प्रधान आरक्षक मनीष कुमार पटवा को जबलपुर लोकायुक्त टीम ने 75000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कर सकते हैं शिकायत
अगर आप भी भ्रष्टाचारियों से त्रस्त हैं और इन पर कार्रवाई कराना चाहते हैं तो रिश्वतखोरी की शिकायत मध्य प्रदेश के लोकायुक्त, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो या सीधे प्रशासन या पुलिस से शिकायत कर सकते हैं। इसमें 1064 और लोकायुक्त के हेल्पलाइन नंबर 9407293446, 0755 2540889 प्रमुख हैं। इसके अलावा जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में भी शिकायत ऑनलाइन या व्यक्तिगत रूप से दर्ज की जा सकती है।


