देवरिया में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बुधवार को यातायात पुलिस कार्यालय में गठित सीसी (क्रिटिकल कॉरिडोर) टीम के लिए यह प्रशिक्षण दिया गया। इसका लक्ष्य पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग करने और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण में यातायात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक उपकरणों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें ब्रेथ एनालाइजर से शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच, स्पीड रडार गन से तेज गति वाले वाहनों की पहचान और बॉडी वॉर्न कैमरा से ड्यूटी के दौरान पारदर्शिता व साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया शामिल थी। अधिकारियों ने बताया कि इन उपकरणों के प्रभावी उपयोग से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी, जिससे दुर्घटनाओं पर नियंत्रण संभव होगा। कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों की सड़क पर ड्यूटी के दौरान सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई। सभी टीम सदस्यों को फ्लोरोसेंट जैकेट बांटे गए। इन जैकेटों से रात या कम रोशनी में पुलिसकर्मी दूर से ही स्पष्ट दिखाई देते हैं, जिससे दुर्घटना का जोखिम कम होता है और ड्यूटी सुरक्षित बनती है। प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में पुलिस अस्पताल के डॉक्टर संजय गुप्ता ने प्राथमिक उपचार और सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तुरंत फर्स्ट एड देने, अत्यधिक रक्तस्राव रोकने, बेहोश व्यक्ति को सुरक्षित स्थिति में रखने और आपात स्थिति में सीपीआर देने की सही तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। यातायात पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से पुलिसकर्मियों की दक्षता बढ़ेगी। वे न केवल यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगे, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में बहुमूल्य मानव जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।


