देवरिया जिले के भटनी बाजार नगर पंचायत क्षेत्र में सरकारी, सार्वजनिक और धार्मिक भूमियों पर अवैध कब्जे और फर्जी अभिलेख दर्ज कराने का मामला सामने आया है। नगर पंचायत अध्यक्ष ने इस संबंध में जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधियों और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और अवैध कब्जे वाली जमीनों को मुक्त कराने की मांग की है। नगर पंचायत कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि नगर पंचायत के गठन से पहले यह क्षेत्र ग्राम सभा के अधीन था। इसी दौरान कुछ कथित भू-माफियाओं ने मिलीभगत कर बंजर और नवीन परती जैसी सरकारी जमीनों को फर्जी तरीके से अपने नाम दर्ज करा लिया और उन पर अवैध कब्जा कर लिया। शिकायत में आराजी संख्या 279, 271, 289, 332 और 340 का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, जिन्हें सरकारी भूमि बताया गया है। धार्मिक भूमि से संबंधित गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। पत्र के अनुसार, ठाकुर जी के मंदिर और रामलीला मैदान के लिए स्थानीय जमींदारों ने वर्ष 1905 और 1906 में भूमि दान की थी। यह भूमि ग्राम चांदपार, तप्पा वरसीपार, तहसील सलेमपुर में स्थित है। इसका पुराना आराजी नंबर 51 व 52/2 तथा नया आराजी नंबर 9 व 19 है। आरोप है कि इस भूमि के एक बड़े हिस्से पर अतिक्रमण कर लिया गया है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि आराजी संख्या 9 पर स्थित मंदिर से जुड़ी जमीन में कथित रूप से फर्जी नाम दर्ज कराकर कुछ हिस्सों की बिक्री कर दी गई है, जबकि शेष भूमि को बेचने की तैयारी चल रही है। नगर पंचायत ने इस प्रकरण को जनहित और धार्मिक आस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला बताया है। नगर पंचायत का कहना है कि इन अवैध कब्जों के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि सक्षम स्तर से इस मामले की जांच कराई जाए, फर्जी इन्द्राज निरस्त किए जाएं और भूमि को उसकी पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए। इससे सरकारी योजनाओं का सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा हो सकेगी।


