गोरखपुर में सर्दी का कहर जारी है। रविवार की सुबह शहर में घना कोहरा छाया रहा। जिससे सड़कों पर विजिबिलिटी घटकर महज 10 से 15 मीटर तक रह गई। इसकी वजह से बाहर निकलने वाले लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोहरे के साथ-साथ चल रही पछुआ हवाओं ने गलन बढ़ा दी है। कड़कड़ाती ठंड और ठिठुरन के कारण लोग सुबह के समय घरों में दुबकने को मजबूर रहे। सड़कों पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं और चालकों को दिन में भी हेडलाइट का सहारा लेना पड़ा। वहीं ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेते दिखें। दोपहर में राहत की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर के बाद आसमान साफ होने और हल्की धूप निकलने की संभावना है, जिससे लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, शाम होते ही एक बार फिर तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। 7 डिग्री तक गिरेगा पारा मौसम वैज्ञानिक कैलाश पांडेय के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। आने वाले कुछ दिनों में ठंड से हल्की राहत मिलने की उम्मीद है। चार फ्लाइटों ने देर से भरी उड़ान कोहरे और दृश्यता कम होने से कई उड़ानें निर्धारित समय से देर से रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। देर से उड़ी उड़ानें-
इंडिगो — गोरखपुर–दिल्ली की फ्लाइट दोपहर 12:10 के बजाय 1:00 बजे रवाना हुई
इंडिगो — गोरखपुर–कोलकाता की फ्लाइट शाम 3:50 के बजाय 4:42 बजे उड़ान भरी
इंडिगो — गोरखपुर–मुंबई शाम की फ्लाइट 4:00 के बजाय 6:23 बजे रवाना हुई
स्पाइसजेट — गोरखपुर–मुंबई शाम की फ्लाइट 6:50 के बजाय 7:52 बजे रवाना हुई लगभग 15 ट्रेनें भी हुई लेट वहीं खराब मौसम का असर गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर आने जाने वाली ट्रेनों पर भी देखा गया। शनिवार को रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली 12556 गोरखधाम एक्सप्रेस अपने समय से लगभग नौ घंटे की देरी से पहुंची। जबकि 15706 चंपारण एक्सप्रसे शनिवार सुबह 6:15 पर पहुंचने वाली थी लेकिन यह ट्रेन 20 घंटे की देरी से रविवार की भोर में लगभग तीन बजे पहुंचने का अनुमान है। 15566 वैशाली एक्सप्रेस चार घंटे,14692 माैर्य ध्वज एक्सप्रेस चार घंटे,15082 गोमती नगर-गोरखपुर छह घंटे, 13019 बाघ एक्सप्रेस तीन घंटे, 15558 अमृत भारत एक्सप्रेस 19 घंटे, 02570 नई दिल्ली- दरभंगा स्पेशल अपने समय से 14 घंटे की देरी से पहुंची। इसके के साथ ही 15 से ज्यादा ट्रेने देरी से पहुंची।


