समस्तीपुर जिले में फिर से ठंड बढ़ रही है। ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी 50 मीटर के करीब रही। 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। जिसके चलते कनकनी का एहसास हो रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 24 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय मौसम विभाग के अनुसार अभी दो-तीन दिनों तक यह स्थिति बनी रह सकती है। सुबह और शाम में कोहरा छाया रहेगा। जिससे ठिठुरन महसूस होगी। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी के साथ दिन में ठंड से राहत रहेगी। हालांकि अभी न्यूनतम तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। पिछले 10 दिनों से लगातार समस्तीपुर का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। जिससे सुबह के समय में लोगों को ठंड का एहसास हो रहा है। सावधानी बरतने की जरूरत चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर सोमेंदु मुखर्जी ने बताया कि इस मौसम में सतर्क रहने की जरूरत है। दिन के समय में तापमान अधिक बढ़ने से लोग ठंड के प्रति लापरवाह होने लगते हैं, लेकिन अचानक शाम होने के बाद कड़ाके की ठंड पड़ने लगती है। ऐसी स्थिति में खतरा बढ़ जाता है। गर्म कपड़ा का पूरा इस्तेमाल करें। बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल रखें। ताजा और गर्म खान खाएं। समस्तीपुर जिले में फिर से ठंड बढ़ रही है। ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी 50 मीटर के करीब रही। 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। जिसके चलते कनकनी का एहसास हो रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 24 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय मौसम विभाग के अनुसार अभी दो-तीन दिनों तक यह स्थिति बनी रह सकती है। सुबह और शाम में कोहरा छाया रहेगा। जिससे ठिठुरन महसूस होगी। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी के साथ दिन में ठंड से राहत रहेगी। हालांकि अभी न्यूनतम तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। पिछले 10 दिनों से लगातार समस्तीपुर का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। जिससे सुबह के समय में लोगों को ठंड का एहसास हो रहा है। सावधानी बरतने की जरूरत चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर सोमेंदु मुखर्जी ने बताया कि इस मौसम में सतर्क रहने की जरूरत है। दिन के समय में तापमान अधिक बढ़ने से लोग ठंड के प्रति लापरवाह होने लगते हैं, लेकिन अचानक शाम होने के बाद कड़ाके की ठंड पड़ने लगती है। ऐसी स्थिति में खतरा बढ़ जाता है। गर्म कपड़ा का पूरा इस्तेमाल करें। बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल रखें। ताजा और गर्म खान खाएं।


