जौनपुर में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे गलन में इजाफा हुआ है और ठंड बढ़ गई है। तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इसके परिणामस्वरूप हार्ट अटैक और लकवा जैसे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। रविवार को जिले में घना कोहरा छाया रहा। इस दिन अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 78 प्रतिशत, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 85 और हवा की गति 2 किलोमीटर प्रति घंटे रही। इससे पहले शनिवार को हल्की धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन शाम होते ही ठंड फिर बढ़ गई थी। शनिवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस दिन आर्द्रता 89 प्रतिशत, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 124 और हवा की गति 8 किलोमीटर प्रति घंटे थी।
3 तस्वीरों में देखिए कोहरा…
बदलते मौसम और बढ़ती ठंड के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और शाम की गलन से कई लोग विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, जिनमें हार्ट अटैक, लकवा और सांस फूलने जैसी गंभीर समस्याएं प्रमुख हैं। जनपद के वरिष्ठ फिजिशियन एवं हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. बी.एस. उपाध्याय ने ठंड से विशेष बचाव की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने विशेष रूप से हृदय रोगियों, शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉ. उपाध्याय के अनुसार, ठंड में ब्लड प्रेशर के उतार-चढ़ाव से लकवा का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, हृदय पर दबाव बढ़ने से हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। बचाव के उपायों के तौर पर डॉ. उपाध्याय ने गुनगुने पानी का सेवन करने, नमक का उपयोग कम करने और नियमित व्यायाम करने की सलाह दी है। उन्होंने बुजुर्गों और 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को सुबह की ठंड में केवल आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने को कहा है। इसके अतिरिक्त, हल्के गुनगुने पानी से स्नान करने और खान-पान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। वसायुक्त खाद्य पदार्थों, मिर्च-मसालेदार सब्जियों और तेल का सेवन कम करने से इन बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है।


