उमरिया जिला मुख्यालय के गांधी चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी ने एक दिवसीय उपवास रखकर प्रदर्शन किया। यह उपवास भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के सेवन से हुई मौतों और मनरेगा योजना में कथित तौर पर अधिकारों के हनन के विरोध में आयोजित किया गया था। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण कई नागरिकों की जान चली गई, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए। इसके साथ ही, कांग्रेस ने मनरेगा योजना के नाम और स्वरूप में बदलाव को लेकर भी कड़ा विरोध जताया। पार्टी ने इसे गरीब और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर हमला करार दिया। गांव-गांव जाएंगे पार्टी कार्यकर्ता जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय ने कहा कि मनरेगा में किए गए बदलावों से आम लोगों को रोजगार और उनके अधिकारों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी इसके विरोध में लगातार आंदोलन करेगी। पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर चौपाल लगाएंगे और लोगों को दूषित पानी के खतरों तथा मनरेगा अधिकारों की बहाली के बारे में जागरूक करेंगे। उपवास के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने दोषियों पर तत्काल कार्रवाई और मनरेगा अधिकारों की बहाली की मांग की। हालांकि, यह एक दिवसीय उपवास कुछ ही घंटों में समाप्त हो गया, जिसमें अध्यक्ष और कार्यकर्ता लगभग तीन घंटे तक ही मंच पर उपस्थित रहे।


