महोबा के कबरई ब्लॉक स्थित अलीपुरा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने अर्जुन सहायक परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रधान प्रतिनिधि पवन शुक्ला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने वर्तमान सर्किल रेट पर मुआवजे और युवाओं को पृथक इकाई मानकर लाभ देने सहित अपनी पांच सूत्रीय मांगों को उठाया। अलीपुरा गांव अर्जुन सहायक परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण विस्थापन की कगार पर है। ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। उनकी मुख्य मांग मुआवजे के निर्धारण को लेकर है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें वर्तमान सर्किल रेट और बाजार मूल्य के हिसाब से मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने विस्थापन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, वर्ष 2019 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवक-युवतियों को अलग परिवार मानकर लाभ दिया जा रहा था, लेकिन वर्ष 2025 की सूची से उन्हें बाहर कर दिया गया है। पुनर्वास को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें समुचित आकार के आवासीय प्लॉट दिए जाएं और जिस स्थान पर उन्हें बसाया जा रहा है, उसे विधिवत नई ग्राम पंचायत घोषित किया जाए। उनका कहना है कि प्रशासनिक मान्यता के बिना वहां विकास कार्य और मूलभूत सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली और पानी उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा। प्रदर्शन में शामिल देवेंद्र कुमार, नीरज, राम आसरे और रामसनेही सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और वास्तविक लाभार्थियों का पुनः सर्वेक्षण नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।


