पूर्णिया के अमौर में नशा और जुआ के खिलाफ ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। गांव के लोग एक जगह इकट्ठा हुए और गांव में चल रहे अवैध शराब, गांजा और जुए के धंधे के खिलाफ विरोध जताया। साथ ही प्रशासन से जल्द सख्त कार्रवाई करने की मांग की। मामला अमौर प्रखंड के बंगरा मेहदीपुर पंचायत के रमनी गांव से जुड़ा है। मोहम्मद रईस, मोहम्मद बबुल, मोहम्मद नाजिम ने बताया कि गांव और आसपास के इलाकों में काफी समय से अवैध शराब, गांजा और जुए का कारोबार खुलेआम चल रहा है। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है और खासकर युवाओं पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत प्रशासन से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मजबूर होकर प्रदर्शन की दी चेतावनी मोहम्मद फरीद, जमशेद, आदिल ने कहा कि अगर जल्द ही इन अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई,तो वे मजबूर होकर उग्र प्रदर्शन करेंगे। बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद गांव में खुलेआम नशे का कारोबार चलना निराशाजनक है। अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाली पीढ़ी पर इसका गंभीर असर पड़ेगा। ग्रामीणों ने कहा कि हम लोग अपने बच्चों और गांव के भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। गांव में शराब, गांजा और जुए का धंधा तेजी से बढ़ रहा है। अगर प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो हम सभी ग्रामीण मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे और इस अवैध धंधे को गांव से खत्म कराकर ही दम लेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में चल रहे अवैध शराब, गांजा और जुए के कारोबार पर जल्द सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गांव का माहौल फिर से सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाया जा सके। पूर्णिया के अमौर में नशा और जुआ के खिलाफ ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। गांव के लोग एक जगह इकट्ठा हुए और गांव में चल रहे अवैध शराब, गांजा और जुए के धंधे के खिलाफ विरोध जताया। साथ ही प्रशासन से जल्द सख्त कार्रवाई करने की मांग की। मामला अमौर प्रखंड के बंगरा मेहदीपुर पंचायत के रमनी गांव से जुड़ा है। मोहम्मद रईस, मोहम्मद बबुल, मोहम्मद नाजिम ने बताया कि गांव और आसपास के इलाकों में काफी समय से अवैध शराब, गांजा और जुए का कारोबार खुलेआम चल रहा है। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है और खासकर युवाओं पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत प्रशासन से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मजबूर होकर प्रदर्शन की दी चेतावनी मोहम्मद फरीद, जमशेद, आदिल ने कहा कि अगर जल्द ही इन अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई,तो वे मजबूर होकर उग्र प्रदर्शन करेंगे। बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद गांव में खुलेआम नशे का कारोबार चलना निराशाजनक है। अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाली पीढ़ी पर इसका गंभीर असर पड़ेगा। ग्रामीणों ने कहा कि हम लोग अपने बच्चों और गांव के भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। गांव में शराब, गांजा और जुए का धंधा तेजी से बढ़ रहा है। अगर प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो हम सभी ग्रामीण मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे और इस अवैध धंधे को गांव से खत्म कराकर ही दम लेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में चल रहे अवैध शराब, गांजा और जुए के कारोबार पर जल्द सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गांव का माहौल फिर से सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाया जा सके।


