बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के बैनर तले मंगलवार को शिक्षकों की प्रमोशन और ट्रांसफर से जुड़ी मांगों को लेकर एक दिवसीय विशाल प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन जेपी स्मारक से शुरू होकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय तक पहुंचा, जहां शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन में जिले के सभी प्रखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं शामिल हुए। इस दौरान बिहार सरकार हाय–हाय और जिला शिक्षा पदाधिकारी मुर्दाबाद जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। छह सूत्री मांगों को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान संघ के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार मंटू ने कहा कि राज्य के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत नियोजित शिक्षक पिछले 20 वर्षों से भी अधिक समय से मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्रोन्नति से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस उदासीनता के कारण शिक्षकों में भारी असंतोष व्याप्त है। नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक अलग-अलग समस्याओं से जूझ रहे हैं उन्होंने बताया कि विद्यालयों में कार्यरत नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक एवं विद्यालय अध्यापक अलग–अलग प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं। प्रोन्नति, वेतन, भत्ता एवं सेवा संधारण से जुड़ी समस्याओं का सीधा असर शिक्षकों के मनोबल और शिक्षण गुणवत्ता पर पड़ रहा है, जो अंततः छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। पंकज कुमार मंटू ने मांग की कि नियमावली 2012 एवं 2020 के प्रावधानों के तहत नियोजित शिक्षकों को स्नातक ग्रेड शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति दी जाए। साथ ही कालबद्ध वेतन उन्नयन एवं ऐच्छिक स्थानांतरण का लाभ भी शीघ्र प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि विशिष्ट शिक्षकों का सेवा संधारण कर उनका लंबित वेतन एवं एरियर का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। आवास भत्ता एवं वार्षिक वेतन वृद्धि के भुगतान में हो रही त्रुटियों के शीघ्र निवारण की मांग संघ ने विद्यालय अध्यापकों के आवास भत्ता एवं वार्षिक वेतन वृद्धि के भुगतान में हो रही त्रुटियों के शीघ्र निवारण की भी मांग की। इसके अलावा प्रधान शिक्षक को पुराने नियमित प्रधानाध्यापकों के समान वेतनमान एवं सुविधाएं लागू करने तथा उनकी सेवा पुस्तिका का निर्धारण अविलंब करने की मांग उठाई गई। ईपीएफ की राशि को अद्यतन करने और सूबे के विभिन्न जिलों से तबादले पर आए कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों का एचआरएमएस इन कर उनके लंबित वेतन का भुगतान करने की भी प्रमुख मांग रही। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो आने वाले समय में जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में तालाबंदी कर सभी कार्यों को बंद कर दिया जाएगा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन शिक्षकों ने संकेत दे दिया कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के बैनर तले मंगलवार को शिक्षकों की प्रमोशन और ट्रांसफर से जुड़ी मांगों को लेकर एक दिवसीय विशाल प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन जेपी स्मारक से शुरू होकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय तक पहुंचा, जहां शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन में जिले के सभी प्रखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं शामिल हुए। इस दौरान बिहार सरकार हाय–हाय और जिला शिक्षा पदाधिकारी मुर्दाबाद जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। छह सूत्री मांगों को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान संघ के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार मंटू ने कहा कि राज्य के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत नियोजित शिक्षक पिछले 20 वर्षों से भी अधिक समय से मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें प्रोन्नति से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस उदासीनता के कारण शिक्षकों में भारी असंतोष व्याप्त है। नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक अलग-अलग समस्याओं से जूझ रहे हैं उन्होंने बताया कि विद्यालयों में कार्यरत नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक एवं विद्यालय अध्यापक अलग–अलग प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं। प्रोन्नति, वेतन, भत्ता एवं सेवा संधारण से जुड़ी समस्याओं का सीधा असर शिक्षकों के मनोबल और शिक्षण गुणवत्ता पर पड़ रहा है, जो अंततः छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। पंकज कुमार मंटू ने मांग की कि नियमावली 2012 एवं 2020 के प्रावधानों के तहत नियोजित शिक्षकों को स्नातक ग्रेड शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति दी जाए। साथ ही कालबद्ध वेतन उन्नयन एवं ऐच्छिक स्थानांतरण का लाभ भी शीघ्र प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि विशिष्ट शिक्षकों का सेवा संधारण कर उनका लंबित वेतन एवं एरियर का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। आवास भत्ता एवं वार्षिक वेतन वृद्धि के भुगतान में हो रही त्रुटियों के शीघ्र निवारण की मांग संघ ने विद्यालय अध्यापकों के आवास भत्ता एवं वार्षिक वेतन वृद्धि के भुगतान में हो रही त्रुटियों के शीघ्र निवारण की भी मांग की। इसके अलावा प्रधान शिक्षक को पुराने नियमित प्रधानाध्यापकों के समान वेतनमान एवं सुविधाएं लागू करने तथा उनकी सेवा पुस्तिका का निर्धारण अविलंब करने की मांग उठाई गई। ईपीएफ की राशि को अद्यतन करने और सूबे के विभिन्न जिलों से तबादले पर आए कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों का एचआरएमएस इन कर उनके लंबित वेतन का भुगतान करने की भी प्रमुख मांग रही। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो आने वाले समय में जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में तालाबंदी कर सभी कार्यों को बंद कर दिया जाएगा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन शिक्षकों ने संकेत दे दिया कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।


