ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में सोमवार रात शिया समाज ने सिंधीपुरा इमामबाड़े के पास जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में खामेनेई के चित्र लिए समाजजनों ने अमेरिका और इजराइल पर धोखे से हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया। दुख जताते हुए समाज के नेताओं ने बताया कि इस घटना के बाद से उनके घरों में तीन दिन से चूल्हे तक नहीं जले हैं और वे अपना विरोध लगातार जारी रखेंगे। ऑल इंडिया शिया समाज मध्य प्रदेश के अध्यक्ष इस्तेखार अली उर्फ जानी पहलवान ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि अमेरिका और इजराइल ने गलत तरीके से और धोखे से खामेनेई को ‘शहीद’ किया है। जानी पहलवान ने भावुक होते हुए बताया कि इस दुखद घटना के बाद से उनके घरों में तीन दिनों से चूल्हे नहीं जले हैं। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी खामेनेई की याद में गमगीन हैं और रो रहे हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर अपना विरोध आगे भी जारी रखने की बात कही है। इमाम बोले- जहां जुल्म होता था, वहां खड़े होते थे खामेनेई इमाम मोहम्मद हसन अख्तर ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई केवल उनके ही रहबर (नेता) नहीं थे, बल्कि दुनिया में जहां भी इंसानियत पर जुल्म होता था, वे मजलूमों के साथ खड़े होते थे और पूरी ताकत लगा देते थे। उन्होंने अमेरिका और इजराइल से जुल्म बंद करने की अपील की। महिलाओं के हक की बात पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्या मासूम बच्चों का कत्ल करके महिलाओं को हक दिया जाता है? उन्होंने इस हत्या को एक ‘गंदी साजिश’ और ‘बेदर्दी’ करार दिया। शेख कलीम बोले- पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है गम समाज के शेख कलीम ने भी इस मौके पर अमेरिका और इजराइल पर धोखे से हमला करने का कड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत से सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में गम का माहौल है। सोमवार रात 8 बजे हुए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिया समाज के लोग मौजूद रहे और उन्होंने अपना भारी रोष व्यक्त किया।


