फिरोजाबाद में यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा) विनियम 2026 के विरोध में बुधवार को राजपूत करणी सेना ने प्रदर्शन किया। तहसील टूंडला परिसर में हुए इस प्रदर्शन में संगठन के जिलाध्यक्ष संजय सिंह परमार के नेतृत्व में 20-25 कार्यकर्ता दोपहर 12:30 बजे पहुंचे। उन्होंने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यूजीसी के ये नए नियम सामान्य वर्ग (जनरल कैटेगरी) के छात्रों और शिक्षकों के अधिकारों का हनन करते हैं। उनका कहना था कि ‘ईक्वल ऑपर्च्युनिटी सेंटर’ में सामान्य वर्ग का प्रतिनिधित्व नहीं रखा गया है, जिससे संतुलन और निष्पक्षता प्रभावित होती है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि भेदभाव की अस्पष्ट परिभाषा के कारण झूठी शिकायतों के दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है, और निष्पक्ष जांच की कोई ठोस गारंटी नहीं है। संगठन ने चिंता जताई कि संस्थान प्रमुखों पर व्यक्तिगत दायित्व डालने से डर का माहौल बनेगा, जिससे मेरिट प्रणाली प्रभावित हो सकती है। राजपूत करणी सेना ने इन नियमों को संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) के विपरीत बताया है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि इन नियमों के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं सहित हजारों लोगों ने इस्तीफे दिए हैं। संगठन की प्रमुख मांगों में ‘ईक्विटी कमेटी’ में सामान्य वर्ग के प्रतिनिधि को अनिवार्य करना, झूठी शिकायतों पर दंडात्मक प्रावधान जोड़ना और नियमों में संतुलन स्थापित करना या उन्हें वापस लेना शामिल है। इस प्रदर्शन में लोकेश जादौन, डॉ. मयंक सिंह, मयंक ठाकुर, रवि चौहान, रूपेश शुक्ला, रघु धाकरे, लोकेंद्र पौनिया, प्रिंस जादौन, सुरजीत सिसोदिया सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और मौके पर पुलिस बल भी तैनात था।


