सहरसा में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में मकर संक्रांति महोत्सव–2026 का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शहर के प्रेक्षागृह में संपन्न हुआ। जिलाधिकारी दीपेश कुमार, स्थानीय विधायक आईपी गुप्ता, सहरसा नगर निगम की मेयर बैनप्रिया, उप विकास आयुक्त गौरव कुमार और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। महोत्सव के दौरान प्रेक्षागृह परिसर में विभिन्न कला प्रदर्शनियां लगाई गईं। इनमें जिले के प्रतिभाशाली कलाकारों द्वारा निर्मित फोटोग्राफी, पेंटिंग, मूर्तिकला और हस्तकला शामिल थीं। जीविका के सौजन्य से मकर संक्रांति स्टॉल भी लगाए गए थे। जिलाधिकारी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने इन स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने कलाकारों की रचनात्मकता और कलात्मक कौशल की सराहना की। अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजन कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं और जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हैं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “पूस की रात” नामक नाट्य प्रस्तुति रही। दर्शकों ने इस नाटक को खूब सराहा, जिसमें सामाजिक यथार्थ और ग्रामीण जीवन की झलक प्रस्तुत की गई थी। इसके अतिरिक्त, प्रतिभाशाली कलाकारों द्वारा प्रस्तुत समूह नृत्य ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक लोकधुनों और रंग-बिरंगे परिधानों के साथ प्रस्तुत इन नृत्यों ने उत्सवी माहौल को जीवंत बना दिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक हैं। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। स्थानीय विधायक आईपी गुप्ता ने भी आयोजन की सराहना की। उन्होंने बताया कि सरकार कलाकारों और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कलाकार और बड़ी संख्या में आम दर्शक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान प्रेक्षागृह में उत्सव और सांस्कृतिक गौरव का माहौल बना रहा। सहरसा में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में मकर संक्रांति महोत्सव–2026 का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शहर के प्रेक्षागृह में संपन्न हुआ। जिलाधिकारी दीपेश कुमार, स्थानीय विधायक आईपी गुप्ता, सहरसा नगर निगम की मेयर बैनप्रिया, उप विकास आयुक्त गौरव कुमार और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। महोत्सव के दौरान प्रेक्षागृह परिसर में विभिन्न कला प्रदर्शनियां लगाई गईं। इनमें जिले के प्रतिभाशाली कलाकारों द्वारा निर्मित फोटोग्राफी, पेंटिंग, मूर्तिकला और हस्तकला शामिल थीं। जीविका के सौजन्य से मकर संक्रांति स्टॉल भी लगाए गए थे। जिलाधिकारी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने इन स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने कलाकारों की रचनात्मकता और कलात्मक कौशल की सराहना की। अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजन कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं और जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हैं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “पूस की रात” नामक नाट्य प्रस्तुति रही। दर्शकों ने इस नाटक को खूब सराहा, जिसमें सामाजिक यथार्थ और ग्रामीण जीवन की झलक प्रस्तुत की गई थी। इसके अतिरिक्त, प्रतिभाशाली कलाकारों द्वारा प्रस्तुत समूह नृत्य ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक लोकधुनों और रंग-बिरंगे परिधानों के साथ प्रस्तुत इन नृत्यों ने उत्सवी माहौल को जीवंत बना दिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक हैं। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। स्थानीय विधायक आईपी गुप्ता ने भी आयोजन की सराहना की। उन्होंने बताया कि सरकार कलाकारों और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कलाकार और बड़ी संख्या में आम दर्शक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान प्रेक्षागृह में उत्सव और सांस्कृतिक गौरव का माहौल बना रहा।


