संभल में तराई किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष मोहम्मद नदीम खान के नेतृत्व में संयुक्त किसान मोर्चा के किसानों और मजदूरों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। यह कार्यक्रम केंद्रीय श्रम संगठनों द्वारा बुलाई गई राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में आयोजित किया गया था। किसान नेताओं ने बताया कि दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान सरकार द्वारा किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। इसके विपरीत, किसानों के हितों के खिलाफ लगातार नई नीतियां लागू की जा रही हैं, जिनका खेती पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका के साथ कृषि एवं डेयरी उत्पादों के संबंध में हुई अंतरिम ट्रेड डील का विरोध करते हुए इसे रद्द करने की मांग की। उनका कहना था कि यह डील किसानों को पूरी तरह अनदेखा कर बड़े कॉर्पोरेट घरानों के हित में की गई है। ज्ञापन में किसानों ने मांग की कि सभी फसलों की लागत (C2+50%) के आधार पर डेढ़ गुना मूल्य पर खरीद की गारंटी सुनिश्चित की जाए। साथ ही विद्युत विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025, विकसित भारत गारंटीड ग्रामीण रोजगार व आजीविका मिशन अधिनियम 2025 और कृषि बाजार की प्रस्तावित मसौदा नीति को वापस लिया जाए। किसानों ने अपनी कर्ज माफी, वर्ष में एक बार निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार, ग्रामीण स्कूलों में बेहतर शिक्षा तथा 60 वर्ष की आयु के बाद न्यूनतम ₹10,000 प्रतिमाह पेंशन देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, श्रमिक विरोधी बताई जा रही चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने की भी जोरदार मांग उठाई गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश सचिव रफी खान, नवाब खान, हाजी जर्रार, रजा खान, कालीम खान, मेहदी हसन, नवीन कुमार, मुजफ्फर खान, वसीम, सदाकत हुसैन, बाबू प्रधान, मुबीन, जुनैद, जमीर, खालिद खान, विजय पाल सिंह, रिजवान, सद्दाम मलिक सहित बड़ी संख्या में किसान और मजदूर मौजूद रहे। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी दिनों में और व्यापक आंदोलन किए जाने की संभावना है।


