मोतिहारी में सोमवार को बिहार ड्राइवर एसोसिएशन की पूर्वी चंपारण जिला इकाई ने अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए ड्राइवरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। संगठन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से ड्राइवरों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल न होने के कारण उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है। परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए
संगठन के जिलाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में ड्राइवरों की मौत होने पर उनके परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिल पाती है। उन्होंने मांग की कि सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मौत को आपदा की श्रेणी में शामिल किया जाए और मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग
इसके अतिरिक्त, गंभीर रूप से घायल ड्राइवरों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की गई, ताकि उनके इलाज और परिवार का भरण-पोषण हो सके। ड्राइवरों की समस्याओं के समाधान के लिए एक ड्राइवर आयोग के गठन की भी मांग उठाई गई। धरना-प्रदर्शन के दौरान ड्राइवरों ने सरकार से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान करने की अपील की। संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में पूरे बिहार में व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस धरना कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ड्राइवर और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। मोतिहारी में सोमवार को बिहार ड्राइवर एसोसिएशन की पूर्वी चंपारण जिला इकाई ने अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए ड्राइवरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। संगठन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से ड्राइवरों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल न होने के कारण उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है। परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए
संगठन के जिलाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में ड्राइवरों की मौत होने पर उनके परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिल पाती है। उन्होंने मांग की कि सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मौत को आपदा की श्रेणी में शामिल किया जाए और मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग
इसके अतिरिक्त, गंभीर रूप से घायल ड्राइवरों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की गई, ताकि उनके इलाज और परिवार का भरण-पोषण हो सके। ड्राइवरों की समस्याओं के समाधान के लिए एक ड्राइवर आयोग के गठन की भी मांग उठाई गई। धरना-प्रदर्शन के दौरान ड्राइवरों ने सरकार से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान करने की अपील की। संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में पूरे बिहार में व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस धरना कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ड्राइवर और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।


