नालंदा जिला बीजेपी कार्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव संबोधन को सुनने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम में भाजपा की प्रदेश नेत्री सुषमा साहू और जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मौजूद रहे। प्रेस वार्ता में सुषमा साहू ने महिला सशक्तिकरण पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज का यह क्षण बेहद गौरवशाली है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का एक-एक शब्द देश की बेटियों और महिलाओं को समर्पित किया है। पीएम के नेतृत्व में देश अब विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है।
लोकतंत्र में नया इतिहास रचा जाएगा महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा करते हुए सुषमा साहू ने कहा कि ये बिल1996 से अधर में लटका हुआ था, उसे प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर 2023 में पारित करवाकर महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने का मार्ग प्रशस्त किया। जब यह कानून पूर्ण रूप से धरातल पर उतरेगा, तब सदन में महिलाओं की भागीदारी अभूतपूर्व रूप से बढ़ेगी। महिला सांसदों की संख्या 273 तक पहुंच जाएगी। आने वाले समय में जब सदन में महिलाओं की आवाज और अधिक मुखर होगी, तो देश के लोकतंत्र में एक नया इतिहास रचा जाएगा। महिलाओं की प्रगति सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। जब महिलाएं नेतृत्व संभालती हैं, तो उनका उद्देश्य केवल पद पाना नहीं बल्कि अपने क्षेत्र के हर घर का विकास सुनिश्चित करना होता है। एक महिला जनप्रतिनिधि की सोच हमेशा यही रहती है कि उसके गांव में कोई भी गरीब न रहे और हर बच्चा उन्नति करें। नालंदा जिला बीजेपी कार्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव संबोधन को सुनने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम में भाजपा की प्रदेश नेत्री सुषमा साहू और जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मौजूद रहे। प्रेस वार्ता में सुषमा साहू ने महिला सशक्तिकरण पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज का यह क्षण बेहद गौरवशाली है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का एक-एक शब्द देश की बेटियों और महिलाओं को समर्पित किया है। पीएम के नेतृत्व में देश अब विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है।
लोकतंत्र में नया इतिहास रचा जाएगा महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा करते हुए सुषमा साहू ने कहा कि ये बिल1996 से अधर में लटका हुआ था, उसे प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर 2023 में पारित करवाकर महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने का मार्ग प्रशस्त किया। जब यह कानून पूर्ण रूप से धरातल पर उतरेगा, तब सदन में महिलाओं की भागीदारी अभूतपूर्व रूप से बढ़ेगी। महिला सांसदों की संख्या 273 तक पहुंच जाएगी। आने वाले समय में जब सदन में महिलाओं की आवाज और अधिक मुखर होगी, तो देश के लोकतंत्र में एक नया इतिहास रचा जाएगा। महिलाओं की प्रगति सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। जब महिलाएं नेतृत्व संभालती हैं, तो उनका उद्देश्य केवल पद पाना नहीं बल्कि अपने क्षेत्र के हर घर का विकास सुनिश्चित करना होता है। एक महिला जनप्रतिनिधि की सोच हमेशा यही रहती है कि उसके गांव में कोई भी गरीब न रहे और हर बच्चा उन्नति करें।


