सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि के एक पुराने मामले में शनिवार को सुनवाई हुई। इस दौरान शिकायतकर्ता के वकील ने राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेने की मांग की। शिकायतकर्ता के वकील संतोष पांडेय ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 311 सहपठित धारा 91 के तहत एक आवेदन प्रस्तुत किया। इसमें राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेकर उसे पहले से दाखिल की गई सीडी के साथ विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) में मिलान कराने का अनुरोध किया गया है। अगली तारीख पर बचाव पक्ष की बहस राहुल गांधी के वकीलों ने इस मांग पर आपत्ति दर्ज कराई। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 अप्रैल की तारीख तय की है। अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि वे अगली सुनवाई पर बचाव पक्ष की आपत्ति पर अपनी बहस प्रस्तुत करेंगे। भाजपा नेता विजय मिश्रा ने यह परिवाद अक्टूबर 2018 में दर्ज कराया था। इस मामले में राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपए के दो मुचलकों पर जमानत दी थी। राहुल ने राजनीतिक साजिश बताया था राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को पुनः एमपी/एमएलए कोर्ट में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया था। उनके बयान के बाद, कोर्ट ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद से लगातार गवाह पेश किए जा रहे थे। 20 फरवरी को दर्ज कराए थे बयान इससे पूर्व, राहुल गांधी ने 20 फरवरी को एमपी/एमएलए कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया था। कोर्ट ने उन्हें अपनी बेगुनाही के संबंध में सफाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 9 मार्च की तिथि दी थी। हालांकि, राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने कोर्ट में कोई सफाई या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।


