समस्तीपुर में बंद चीनी मिल चालू करने की मांग:शहर में जुलूस निकालने के बाद की सभा, कहा- किसानों को उचित कीमत नहीं मिल पा रही

समस्तीपुर में बंद चीनी मिल चालू करने की मांग:शहर में जुलूस निकालने के बाद की सभा, कहा- किसानों को उचित कीमत नहीं मिल पा रही

समस्तीपुर में बंद चीनी मिल को फिर से चालू कराने की मांग को लेकर रविवार को जिला विकास संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जुलूस निकाला गया और धरना-प्रदर्शन किया गया। यह जुलूस स्टेशन चौक से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए चीनी मिल चौक पहुंचा, जहां प्रदर्शन के बाद एक सभा आयोजित की गई। मोर्चा के नेताओं सुरेंद्र प्रसाद सिंह और राकेश ठाकुर ने बताया कि वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल के कारण क्षेत्र के हजारों किसान, मजदूर और स्थानीय लोग प्रभावित हो रहे हैं। गन्ना किसानों को अपनी उपज का उचित बाजार नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। नेताओं ने जोर देकर कहा कि चीनी मिल के चालू होने से न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसी मांग को लेकर मोर्चा की ओर से यह जुलूस और सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों, मजदूरों और आम लोगों ने भाग लिया। मिल के पास 22 एकड़ जमीन सभा की अध्यक्षता करने वाले शंकर प्रसाद साह ने सरकार से समस्तीपुर की बंद चीनी मिल को तत्काल चालू कराने की मांग की। वक्ताओं ने बताया कि बंद चीनी मिल के पास 22 एकड़ से अधिक पर्याप्त जमीन है। यहां चौतरफा सड़क और परिवहन व्यवस्था के साथ-साथ विद्युत-रेल की उपलब्धता भी है, जो इसके फिर से संचालन के लिए अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करती है। मिल के आसपास के 10 से अधिक चीनी उत्पादक प्रखंड है। इन प्रखंडों में सस्ते-प्रशिक्षित श्रमिक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि दूसरी जगह चीनी मिल खोलने से बेहतर है कि इसी बंद चीनी मिल को सरकार को चालू करना चाहिए। इसमें सरकारी राशि की लागत भी कम होगी।
मौके पर ये रहे मौजूद सभा की अध्यक्षता शंकर प्रसाद साह ने की, जबकि इसका संचालन मोर्चा के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने किया। सभा को मोर्चा के नेताओं सुरेंद्र प्रसाद सिंह, राकेश कुमार ठाकुर, अशोक कुमार, शंभू राय, राम विनोद पासवान, शाहीद हुसैन, मनोज कुमार राय, सुशील कुमार राय, मिथिलेश कुमार राय, बंधु प्रसाद और विश्वनाथ सिंह हजारी सहित कई गणमान्य वक्ताओं ने संबोधित किया। समस्तीपुर में बंद चीनी मिल को फिर से चालू कराने की मांग को लेकर रविवार को जिला विकास संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जुलूस निकाला गया और धरना-प्रदर्शन किया गया। यह जुलूस स्टेशन चौक से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए चीनी मिल चौक पहुंचा, जहां प्रदर्शन के बाद एक सभा आयोजित की गई। मोर्चा के नेताओं सुरेंद्र प्रसाद सिंह और राकेश ठाकुर ने बताया कि वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल के कारण क्षेत्र के हजारों किसान, मजदूर और स्थानीय लोग प्रभावित हो रहे हैं। गन्ना किसानों को अपनी उपज का उचित बाजार नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। नेताओं ने जोर देकर कहा कि चीनी मिल के चालू होने से न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसी मांग को लेकर मोर्चा की ओर से यह जुलूस और सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों, मजदूरों और आम लोगों ने भाग लिया। मिल के पास 22 एकड़ जमीन सभा की अध्यक्षता करने वाले शंकर प्रसाद साह ने सरकार से समस्तीपुर की बंद चीनी मिल को तत्काल चालू कराने की मांग की। वक्ताओं ने बताया कि बंद चीनी मिल के पास 22 एकड़ से अधिक पर्याप्त जमीन है। यहां चौतरफा सड़क और परिवहन व्यवस्था के साथ-साथ विद्युत-रेल की उपलब्धता भी है, जो इसके फिर से संचालन के लिए अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करती है। मिल के आसपास के 10 से अधिक चीनी उत्पादक प्रखंड है। इन प्रखंडों में सस्ते-प्रशिक्षित श्रमिक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि दूसरी जगह चीनी मिल खोलने से बेहतर है कि इसी बंद चीनी मिल को सरकार को चालू करना चाहिए। इसमें सरकारी राशि की लागत भी कम होगी।
मौके पर ये रहे मौजूद सभा की अध्यक्षता शंकर प्रसाद साह ने की, जबकि इसका संचालन मोर्चा के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने किया। सभा को मोर्चा के नेताओं सुरेंद्र प्रसाद सिंह, राकेश कुमार ठाकुर, अशोक कुमार, शंभू राय, राम विनोद पासवान, शाहीद हुसैन, मनोज कुमार राय, सुशील कुमार राय, मिथिलेश कुमार राय, बंधु प्रसाद और विश्वनाथ सिंह हजारी सहित कई गणमान्य वक्ताओं ने संबोधित किया।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *