मानहानि केस में राहुल गांधी की आवाज मिलान की मांग:अभियोजन ने कोर्ट में दिया प्रार्थनापत्र, 23 मार्च को होगी सुनवाई

अमित शाह के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी को लेकर मानहानि के मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने राहुल गांधी की आवाज का मिलान कराने की मांग की है। यह मांग कोर्ट में दाखिल एक सीडी से संबंधित है। इस प्रार्थनापत्र पर 23 मार्च को सुनवाई होगी। राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा था कि सीडी में मौजूद आवाज उनकी नहीं है। यह मामला पूर्व भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणी से संबंधित है। यह मानहानि का परिवाद भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ दायर किया है। उनका आरोप है कि 2018 में कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी की थी। यह अदालती कार्यवाही पिछले पांच साल से चल रही है। गुरुवार को यह मुकदमा बहस के लिए नियत था, लेकिन परिवादी के अधिवक्ता संतोष पांडे ने एक नया प्रार्थनापत्र दाखिल कर दिया। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने इस प्रार्थनापत्र का विरोध करते हुए कहा है कि अभियोजन का साक्ष्य समाप्त हो चुका है और अब इसका कोई औचित्य नहीं है। दिसंबर 2023 में राहुल गांधी के पेश न होने पर तत्कालीन मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद, 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी थी। पूर्व में राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। उनके बयान के बाद कोर्ट ने वादी को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। परिवादी विजय कुमार मिश्र और साक्षी अनिल कुमार मिश्र व रामचंदर दूबे के बयान और जिरह समाप्त हो चुकी है। राहुल गांधी का आरोपित बयान भी हाल ही में 20 फरवरी को दर्ज किया गया था। बचाव का साक्ष्य प्रस्तुत न करने पर उन्हें अंतिम बहस के लिए पेशी दी गई थी।

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