अखिल भारतीय संयुक्त सवर्ण अधिकार मोर्चा के बैनर तले UGC एक्ट एवं SC/ST एक्ट के दुरुपयोग के विरोध में आज बेगूसराय में मौन जुलूस निकाला गया। मौन जुलूस जीडी कॉलेज से शुरू होकर मेन मार्केट, नगरपालिका चौक होते हुए हड़ताली चौक पर आकर समाप्त हुआ। कार्यक्रम में मोर्चा के अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग शामिल हुए। SC/ST एक्ट के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया जुलूस के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में उपस्थिति दर्ज कराई। मोर्चा के अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने कहा कि संगठन UGC एक्ट की वापसी तक अपना विरोध जारी रखेगा। उन्होंने SC/ST एक्ट के दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दरभंगा की तरह उनके संगठन के कुछ सदस्यों पर भी फर्जी मामलों में SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया है। इस संबंध में एसपी एवं डीएसपी को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया गया है। कानून पर उन्हें पूरा भरोसा है कि निर्दोष लोग दोषमुक्त होंगे और जो सामाजिक विद्वेष फैलाना चाहते थे, उनपर कार्रवाई होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा व आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल-अनशन जैसे कदम भी उठाए जाएंगे। अखिल भारतीय संयुक्त सवर्ण अधिकार मोर्चा के बैनर तले UGC एक्ट एवं SC/ST एक्ट के दुरुपयोग के विरोध में आज बेगूसराय में मौन जुलूस निकाला गया। मौन जुलूस जीडी कॉलेज से शुरू होकर मेन मार्केट, नगरपालिका चौक होते हुए हड़ताली चौक पर आकर समाप्त हुआ। कार्यक्रम में मोर्चा के अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग शामिल हुए। SC/ST एक्ट के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया जुलूस के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में उपस्थिति दर्ज कराई। मोर्चा के अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने कहा कि संगठन UGC एक्ट की वापसी तक अपना विरोध जारी रखेगा। उन्होंने SC/ST एक्ट के दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दरभंगा की तरह उनके संगठन के कुछ सदस्यों पर भी फर्जी मामलों में SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया है। इस संबंध में एसपी एवं डीएसपी को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया गया है। कानून पर उन्हें पूरा भरोसा है कि निर्दोष लोग दोषमुक्त होंगे और जो सामाजिक विद्वेष फैलाना चाहते थे, उनपर कार्रवाई होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा व आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल-अनशन जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।


