कटिहार जिले के फल्का थाना में पुलिस हिरासत में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला गरमा गया है। इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। आदिल हसन ने अपने बयान में बताया कि राकेश यादव नामक युवक को मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस हिरासत में उसकी मौत को उन्होंने ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक’ बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस को इस तरह की कार्रवाई करने का अधिकार किसने दिया है। गृहमंत्री सम्राट चौधरी से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की AIMIM प्रवक्ता ने पटना हाईकोर्ट, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य के गृहमंत्री सम्राट चौधरी से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की। हसन ने यह भी कहा कि अररिया सहित बिहार के अन्य जिलों में भी पहले ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अब तक न तो सरकार के किसी मंत्री और न ही कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। आदिल हसन के अनुसार, मामले में केवल थाना प्रभारी को निलंबित कर औपचारिकता निभाई गई है, जबकि उनके खिलाफ हत्या (धारा 302) का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। AIMIM ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग दोहराई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। कटिहार जिले के फल्का थाना में पुलिस हिरासत में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला गरमा गया है। इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। आदिल हसन ने अपने बयान में बताया कि राकेश यादव नामक युवक को मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस हिरासत में उसकी मौत को उन्होंने ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक’ बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस को इस तरह की कार्रवाई करने का अधिकार किसने दिया है। गृहमंत्री सम्राट चौधरी से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की AIMIM प्रवक्ता ने पटना हाईकोर्ट, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य के गृहमंत्री सम्राट चौधरी से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की। हसन ने यह भी कहा कि अररिया सहित बिहार के अन्य जिलों में भी पहले ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अब तक न तो सरकार के किसी मंत्री और न ही कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। आदिल हसन के अनुसार, मामले में केवल थाना प्रभारी को निलंबित कर औपचारिकता निभाई गई है, जबकि उनके खिलाफ हत्या (धारा 302) का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। AIMIM ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग दोहराई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।


