कल से चैती छठ की शुरुआत हो रही है। जीपीओ गोलंबर से लेकर स्टेशन तक सूप, दौउरा और मिट्टी के चूल्हों की भारी बिक्री हो रही है। बाजार समिति में फलों-नारियल की विशेष मंडी सजी हुई है। रमजान खत्म होने के साथ ही अब दुकानदार छठ की बिक्री में लग जाएंगे। बाजार समिति में 50 ट्रक सेब, 60 ट्रक केला, 50 ट्रक नारियल, 40 ट्रक संतरा, 40 ट्रक अमरूद, 30 ट्रक अनार, 20 ट्रक गन्ना मंडी पहुंच चुके हैं। अभी सिंघाड़ा, सुथनी, हल्दी, मूली और जंगली फल आएं है। इस बार बाजार में 50 रुपए के बांस के सूप उपलब्ध हैं। एक पेटी सेब की कीमत 2200 रुपए है। केला विक्रेता सतीश सिंह ने कहा कि कर्नाटक से केला मंगाया जा रहा है। छठ में केला 600 रुपए घौद बिकेगा। हाजीपुर का केला काफी पतला और छोटा रहता है, इसलिए छठ में उतनी उसकी डिमांड नहीं होती है। पूजा के लिए लोग बड़े और अच्छे केले लेना पसंद करते हैं। इसलिए कर्नाटक से अच्छे क्वालिटी वाला चिनिया केला मंगाए जा रहे हैं। हालांकि, बाय रोड लाने में हमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूजा में फलों का रेट बढ़ेगा फल विक्रेता चंदन ने बताया कि अभी सेब 180 रुपए किलो बिक रहे हैं, छठ के समय 220 तक रेट जा सकता है। संतरा 120 रुपए किलो बिकेगा, अभी 100 रुपए में बेचा जा रहा है। नासिक से संतरा और सेब कश्मीर से मंगाए गए हैं। नागपुर से अनार मंगाए जा रहे हैं, जिसका भाव छठ के समय में करीब 240 रुपए किलो होगा। वहीं, छठ में सबसे ज्यादा डिमांड में रहने वाला नारियल करीब 80-100 रुपए में बिकेगा। पीतल के बर्तनों की बढ़ी डिमांड छठ पूजा के लिए पीतल के बर्तन को शुभ माना जाता है। छठ व्रत में शुद्धता का पूरा ख्याल रखा जाता है। इस वजह से पीतल के बर्तनों का इस्तेमाल किया जाता है। पटना के ठाकुरबारी रोड में पीतल के सूप, पंजाबी थाल, लोहे का चूल्हा, पीतल की बाल्टी का विशेष रूप से डिमांड है। पिछले साल के मुकाबले सभी चीजों की कीमत 50 रुपए अधिक बढ़ी है। छठ पूजा में बांस से बने सूप और टोकरी का सबसे ज्यादा महत्व होता है। सब्जियों की कीमत में हुई बढ़ोतरी छठ महापर्व के पहले दिन नहाय खाय को पूजा के बाद प्रसाद के रूप में कद्दू-भात खाने की परंपरा है। इसके साथ साग और कई तरह का बचका भी छाना जाता है। छठ पर्व पर सब्जियों की मांग काफी बढ़ जाती है। पटना में पिछले साल की तुलना में इस बार सब्जियों की कीमत में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। कद्दू 40 रुपए प्रति पीस बिकेगी। मूली 10-15 रुपए प्रति किलो, अंवला 30 रुपए प्रति किलो मिलेगी। कल से चैती छठ की शुरुआत हो रही है। जीपीओ गोलंबर से लेकर स्टेशन तक सूप, दौउरा और मिट्टी के चूल्हों की भारी बिक्री हो रही है। बाजार समिति में फलों-नारियल की विशेष मंडी सजी हुई है। रमजान खत्म होने के साथ ही अब दुकानदार छठ की बिक्री में लग जाएंगे। बाजार समिति में 50 ट्रक सेब, 60 ट्रक केला, 50 ट्रक नारियल, 40 ट्रक संतरा, 40 ट्रक अमरूद, 30 ट्रक अनार, 20 ट्रक गन्ना मंडी पहुंच चुके हैं। अभी सिंघाड़ा, सुथनी, हल्दी, मूली और जंगली फल आएं है। इस बार बाजार में 50 रुपए के बांस के सूप उपलब्ध हैं। एक पेटी सेब की कीमत 2200 रुपए है। केला विक्रेता सतीश सिंह ने कहा कि कर्नाटक से केला मंगाया जा रहा है। छठ में केला 600 रुपए घौद बिकेगा। हाजीपुर का केला काफी पतला और छोटा रहता है, इसलिए छठ में उतनी उसकी डिमांड नहीं होती है। पूजा के लिए लोग बड़े और अच्छे केले लेना पसंद करते हैं। इसलिए कर्नाटक से अच्छे क्वालिटी वाला चिनिया केला मंगाए जा रहे हैं। हालांकि, बाय रोड लाने में हमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूजा में फलों का रेट बढ़ेगा फल विक्रेता चंदन ने बताया कि अभी सेब 180 रुपए किलो बिक रहे हैं, छठ के समय 220 तक रेट जा सकता है। संतरा 120 रुपए किलो बिकेगा, अभी 100 रुपए में बेचा जा रहा है। नासिक से संतरा और सेब कश्मीर से मंगाए गए हैं। नागपुर से अनार मंगाए जा रहे हैं, जिसका भाव छठ के समय में करीब 240 रुपए किलो होगा। वहीं, छठ में सबसे ज्यादा डिमांड में रहने वाला नारियल करीब 80-100 रुपए में बिकेगा। पीतल के बर्तनों की बढ़ी डिमांड छठ पूजा के लिए पीतल के बर्तन को शुभ माना जाता है। छठ व्रत में शुद्धता का पूरा ख्याल रखा जाता है। इस वजह से पीतल के बर्तनों का इस्तेमाल किया जाता है। पटना के ठाकुरबारी रोड में पीतल के सूप, पंजाबी थाल, लोहे का चूल्हा, पीतल की बाल्टी का विशेष रूप से डिमांड है। पिछले साल के मुकाबले सभी चीजों की कीमत 50 रुपए अधिक बढ़ी है। छठ पूजा में बांस से बने सूप और टोकरी का सबसे ज्यादा महत्व होता है। सब्जियों की कीमत में हुई बढ़ोतरी छठ महापर्व के पहले दिन नहाय खाय को पूजा के बाद प्रसाद के रूप में कद्दू-भात खाने की परंपरा है। इसके साथ साग और कई तरह का बचका भी छाना जाता है। छठ पर्व पर सब्जियों की मांग काफी बढ़ जाती है। पटना में पिछले साल की तुलना में इस बार सब्जियों की कीमत में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। कद्दू 40 रुपए प्रति पीस बिकेगी। मूली 10-15 रुपए प्रति किलो, अंवला 30 रुपए प्रति किलो मिलेगी।


