मधेपुरा जिले में सरकारी विद्यालयों की मिड डे मील योजना में लापरवाही के मामले सामने आए हैं। बीते 15 दिनों में दो अलग-अलग घटनाओं में मध्याह्न भोजन खाने से सैकड़ों बच्चे बीमार पड़ गए, जिनमें से कई की हालत गंभीर हो गई थी। इन घटनाओं के बाद एनएसयूआई ने कार्रवाई की मांग की है। इसी मुद्दे पर एनएसयूआई का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) संजय कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि मिड डे मील में छिपकली निकलने जैसी घटनाएं भोजन तैयार करने और आपूर्ति करने वाली कंपनी की लापरवाही को दर्शाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों के जीवन के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निशांत यादव ने मांग की कि मध्याह्न भोजन सप्लाई करने वाली एजेंसी को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने पीड़ित बच्चों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। 7 दिनों के भीतर होगी कार्रवाई निशांत यादव ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो एनएसयूआई चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। इस प्रतिनिधिमंडल में एनएसयूआई जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार मंडल, जिला महासचिव सोनू कुमार, प्रखंड अध्यक्ष रणधीर कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। मधेपुरा जिले में सरकारी विद्यालयों की मिड डे मील योजना में लापरवाही के मामले सामने आए हैं। बीते 15 दिनों में दो अलग-अलग घटनाओं में मध्याह्न भोजन खाने से सैकड़ों बच्चे बीमार पड़ गए, जिनमें से कई की हालत गंभीर हो गई थी। इन घटनाओं के बाद एनएसयूआई ने कार्रवाई की मांग की है। इसी मुद्दे पर एनएसयूआई का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) संजय कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि मिड डे मील में छिपकली निकलने जैसी घटनाएं भोजन तैयार करने और आपूर्ति करने वाली कंपनी की लापरवाही को दर्शाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों के जीवन के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निशांत यादव ने मांग की कि मध्याह्न भोजन सप्लाई करने वाली एजेंसी को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने पीड़ित बच्चों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। 7 दिनों के भीतर होगी कार्रवाई निशांत यादव ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो एनएसयूआई चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। इस प्रतिनिधिमंडल में एनएसयूआई जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार मंडल, जिला महासचिव सोनू कुमार, प्रखंड अध्यक्ष रणधीर कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।


