सोनीपत थाने में दिल्ली के डॉक्टर की धुनाई, हाथ टूटा:दहेज उत्पीड़न केस में दोनों पक्ष बुलाए, पत्नी के परिजन भड़के, 5 माह बाद FIR

सोनीपत थाने में दिल्ली के डॉक्टर की धुनाई, हाथ टूटा:दहेज उत्पीड़न केस में दोनों पक्ष बुलाए, पत्नी के परिजन भड़के, 5 माह बाद FIR

सोनीपत में सिटी थाना शहर परिसर में दहेज विवाद की बातचीत के लिए बुलाए गए दो पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। इस हाथापाई में दिल्ली निवासी एक डॉक्टर का हाथ टूट गया और उनके माता-पिता के साथ भी बदतमीजी की गई। पुलिस ने 5 महीने बाद मिली शिकायत में मेडिकल रिपोर्ट और एक्स-रे के आधार पर महिला पक्ष के करीब 6 नामजद और अन्य के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाने में बातचीत के दौरान हुआ हमला दिल्ली के मुखमेलपुर निवासी शिकायतकर्ता डॉ. विवेक ने बताया कि उनकी शादी 15 फरवरी 2025 को सोनीपत के देवनगर निवासी युवती के साथ हुई थी। कुछ समय बाद वैवाहिक जीवन में मतभेद बढ़ गए और पत्नी ने डॉ. विवेक व उनके परिवार पर दहेज मांगने और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए थाना शहर सोनीपत में शिकायत दी थी। दोनों पक्षों को बुलाया था थाने इसी शिकायत पर दोनों पक्षों को 27 अक्टूबर 2025 को थाने में बुलाया गया था। डॉ. विवेक के अनुसार, बातचीत के दौरान ससुराल पक्ष के लोग अचानक उग्र हो गए और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही उन पर हमला कर दिया। डॉक्टर और परिजनों से मारपीट हमले में डॉ. विवेक के ससुर राजबीर सिंह, नाना दयानंद, ताऊ शिवचरण, अंकल ओमप्रकाश, सास उर्मिला और दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर उन पर लात-घूंसे बरसाए, जिससे उनके दाहिने हाथ में गंभीर चोट आई।
बीच-बचाव करने पहुंचे विवेक के माता-पिता के साथ भी गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई। इस दौरान विवेक की मां सपना के पैर में मोच आ गई और पिता राजेंद्र को भी चोटें आईं। मेडिकल रिपोर्ट में फ्रैक्चर की पुष्टि घटना के बाद डॉ. विवेक ने सरकारी अस्पताल सोनीपत में एमएलसी कटवाई और एक्स-रे करवाया, जिसमें उनके दाहिने हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्होंने 11 मार्च 2026 को थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा थाना शहर सोनीपत के जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल जोगिंदर सिंह ने बताया कि मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि पीड़ित को गंभीर चोटें पहुंचाई गई हैं। पुलिस ने 22 मार्च को मुकदमा दर्ज किया है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 190 (गैरकानूनी जनसमूह), 191(3) (दंगा करना), 115(2) (चोट पहुंचाना) और 117(2) (गंभीर चोट/फ्रैक्चर पहुंचाना) के तहत केस दर्ज किया गया है।

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