Defence Stocks List: भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है। बीएसई सेंसेक्स सोमवार सुबह 1.82 फीसदी या 1481 अंक की गिरावट के साथ 79,874 पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, एनएसई निफ्टी 1.61 फीसदी या 406 अंक की गिरावट के साथ 24,772 पर ट्रेड करता दिखा। लेकिन एक सेक्टर ऐसा है, जहां अच्छी-खासी देखी जा रही है। यह है डिफेंस सेक्टर। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच निवेशकों का ध्यान डिफेंस सेक्टर की कंपनियों की ओर है, जिससे इन शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली है।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL), भारत डायनेमिक्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और पारस डिफेंस जैसी कंपनियों के शेयरों में 13.5% तक की तेजी दर्ज की गई है। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ने से डिफेंस सेक्टर में निर्यात अवसरों की उम्मीदें बढ़ी हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
सबसे ज्यादा बढ़त पारस डिफेंस में देखी गई, जिसका शेयर 13.5% तक चढ़ गया। वहीं, HAL, BEL और भारत डायनेमिक्स के शेयर बीएसई पर 3.5% तक बढ़त के साथ ट्रेड करते दिखे।
भारत-इजराइल रक्षा सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
हाल ही में इजराइल दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत और इजराइल रक्षा क्षेत्र में संयुक्त विकास, उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण को आगे बढ़ाएंगे। दौरे के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों देश रक्षा उपकरणों के सह-विकास और निर्माण में सहयोग करेंगे, ताकि रणनीतिक संबंधों को और मजबूत किया जा सके। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने जल्द ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने, यूपीआई डिजिटल भुगतान ढांचे के तहत सहयोग बढ़ाने, अंतरिक्ष परियोजनाओं और उभरती तकनीकों में साझेदारी करने पर भी सहमति जताई।
क्या है ब्रोकरेज की राय
ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल के अनुसार, वैश्विक स्तर पर ‘रिस्क-ऑफ’ माहौल और घरेलू बाजार में अस्थिरता के बावजूद भारतीय रक्षा कंपनियों जैसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को निवेशकों की सकारात्मक धारणा का समर्थन मिल सकता है।
बीते साल आई थी भारी तेजी
पिछले कुछ महीनों में डिफेंस शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। पिछले साल भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर लक्षित हमलों के बाद इस सेक्टर में जबरदस्त तेजी आई थी। हालांकि, नए ट्रिगर की कमी के कारण बाद में यह रफ्तार धीमी पड़ गई। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बीच डिफेंस शेयरों में मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है।


