दीपाली ने जीता मिस यूनिवर्स झारखंड का ताज:इंटरनेशनल एयरलाइंस में केबिन क्रू के तौर पर हैं कार्यरत, अब करेंगी राज्य का प्रतिनिधित्व

दीपाली ने जीता मिस यूनिवर्स झारखंड का ताज:इंटरनेशनल एयरलाइंस में केबिन क्रू के तौर पर हैं कार्यरत, अब करेंगी राज्य का प्रतिनिधित्व

बोकारो निवासी और रांची के संत जेवियर्स कॉलेज से पढ़ी दीपाली रिया ‘मिस यूनिवर्स झारखंड-2026’ चुनी गईं। ओरमांझी में आयोजित फाइनल में झारखंड की 30 प्रतिभागियों को पछाड़ यह खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता में तीन सब-कॉन्टेस्ट खिताब भी जीते। इनमें ‘मिस बेस्ट स्माइल’, ‘मिस रैंप वॉक’ और ‘मिस पर्सनल इंटरव्यू’ शामिल हैं। दीपाली बोकारो के सेक्टर-5 की रहने वाली हैं। उनके पिता मनोज शंकर शर्मा गोमिया में एलआईसी के ब्रांच मैनेजर हैं, जबकि मां सुधा शर्मा होममेकर हैं। उन्होंने स्कूलिंग गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल, बोकारो और कॉलेज की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज, रांची से की। इंडिगो एयरलाइंस और एयर इंडिया में काम करने के बाद वर्तमान में वह दुबई में अमीरात एयरलाइंस में इंटरनेशनल केबिन क्रू के तौर पर कार्यरत हैं। अब देश-दुनिया में झारखंड का नाम रोशन करूंगी: दीपाली
दीपाली ने कहा कि मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता के लिए मैं सालभर से कड़ी मेहनत कर रही थी। इसके लिए मैंने ग्रूमिंग क्लास ली और खासकर रैंप वॉक और इंटरव्यू की तैयारी पर बहुत मेहनत की। ब्यूटी पेजेंट देखने में आसान लगता है, लेकिन इसकी तैयारी काफी कठिन होती है। इंटरव्यू के लिए देश-दुनिया के करेंट इवेंट्स पर नजर रखनी पड़ती है। चलने, मुस्कुराने और एक्सप्रेशन तक का अभ्यास करना पड़ता है। मेरी मेहनत और प्रैक्टिस का ही नतीजा है कि मैं मिस यूनिवर्स झारखंड के साथ तीन अन्य खिताब भी जीत सकी। मां ने दिखाया सपना, भाई-बहन से मिला हौसला
दीपाली ने बताया कि मां सुष्मिता सेन और प्रियंका चोपड़ा के वीडियो दिखाती थीं और कहती थीं कि इन्होंने हमारे देश का नाम दुनिया में रोशन किया है। वहीं से मुझे प्रेरणा मिली और सौंदर्य प्रतियोगिता में जाने का सपना बना। बड़ी बहन और छोटे भाई ने हमेशा मोटिवेट किया कि मिस यूनिवर्स की तैयारी करूं। आज जब यह खिताब जीता है तो लगता है कि मेहनत सफल हो गई। मैं चाहती हूं कि इस मंच का उपयोग समाज की महिलाओं और लड़कियों को आगे बढ़ाने के लिए करूं। महिला सशक्तीकरण के लिए काम करना और लड़कियों के सपनों को पूरा करने में मदद करना चाहती हूं। अब नेशनल राउंड की तैयारी शुरू करूंगी। इसके लिए रैंप वॉक और कम्युनिकेशन की ट्रेनिंग इसी सप्ताह से शुरू होगी। अगस्त में जयपुर में ‘मिस यूनिवर्स इंडिया’ प्रतियोगिता होगी। मेरा लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के साथ झारखंड का नाम रोशन करना है। इस साल झारखंड ने रचा इतिहास
सौंदर्य प्रतियोगिताओं में लड़कियों की भागीदारी को लेकर इस साल झारखंड ने इतिहास रचा है। इस बार सबसे ज्यादा प्रतिभागियों ने झारखंड से हिस्सा लिया। पहले महाराष्ट्र से ज्यादा प्रतिभागी होते थे, लेकिन इस बार फाइनल राउंड में 30 प्रतिभागी शामिल हुईं। बोकारो निवासी और रांची के संत जेवियर्स कॉलेज से पढ़ी दीपाली रिया ‘मिस यूनिवर्स झारखंड-2026’ चुनी गईं। ओरमांझी में आयोजित फाइनल में झारखंड की 30 प्रतिभागियों को पछाड़ यह खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता में तीन सब-कॉन्टेस्ट खिताब भी जीते। इनमें ‘मिस बेस्ट स्माइल’, ‘मिस रैंप वॉक’ और ‘मिस पर्सनल इंटरव्यू’ शामिल हैं। दीपाली बोकारो के सेक्टर-5 की रहने वाली हैं। उनके पिता मनोज शंकर शर्मा गोमिया में एलआईसी के ब्रांच मैनेजर हैं, जबकि मां सुधा शर्मा होममेकर हैं। उन्होंने स्कूलिंग गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल, बोकारो और कॉलेज की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज, रांची से की। इंडिगो एयरलाइंस और एयर इंडिया में काम करने के बाद वर्तमान में वह दुबई में अमीरात एयरलाइंस में इंटरनेशनल केबिन क्रू के तौर पर कार्यरत हैं। अब देश-दुनिया में झारखंड का नाम रोशन करूंगी: दीपाली
दीपाली ने कहा कि मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता के लिए मैं सालभर से कड़ी मेहनत कर रही थी। इसके लिए मैंने ग्रूमिंग क्लास ली और खासकर रैंप वॉक और इंटरव्यू की तैयारी पर बहुत मेहनत की। ब्यूटी पेजेंट देखने में आसान लगता है, लेकिन इसकी तैयारी काफी कठिन होती है। इंटरव्यू के लिए देश-दुनिया के करेंट इवेंट्स पर नजर रखनी पड़ती है। चलने, मुस्कुराने और एक्सप्रेशन तक का अभ्यास करना पड़ता है। मेरी मेहनत और प्रैक्टिस का ही नतीजा है कि मैं मिस यूनिवर्स झारखंड के साथ तीन अन्य खिताब भी जीत सकी। मां ने दिखाया सपना, भाई-बहन से मिला हौसला
दीपाली ने बताया कि मां सुष्मिता सेन और प्रियंका चोपड़ा के वीडियो दिखाती थीं और कहती थीं कि इन्होंने हमारे देश का नाम दुनिया में रोशन किया है। वहीं से मुझे प्रेरणा मिली और सौंदर्य प्रतियोगिता में जाने का सपना बना। बड़ी बहन और छोटे भाई ने हमेशा मोटिवेट किया कि मिस यूनिवर्स की तैयारी करूं। आज जब यह खिताब जीता है तो लगता है कि मेहनत सफल हो गई। मैं चाहती हूं कि इस मंच का उपयोग समाज की महिलाओं और लड़कियों को आगे बढ़ाने के लिए करूं। महिला सशक्तीकरण के लिए काम करना और लड़कियों के सपनों को पूरा करने में मदद करना चाहती हूं। अब नेशनल राउंड की तैयारी शुरू करूंगी। इसके लिए रैंप वॉक और कम्युनिकेशन की ट्रेनिंग इसी सप्ताह से शुरू होगी। अगस्त में जयपुर में ‘मिस यूनिवर्स इंडिया’ प्रतियोगिता होगी। मेरा लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के साथ झारखंड का नाम रोशन करना है। इस साल झारखंड ने रचा इतिहास
सौंदर्य प्रतियोगिताओं में लड़कियों की भागीदारी को लेकर इस साल झारखंड ने इतिहास रचा है। इस बार सबसे ज्यादा प्रतिभागियों ने झारखंड से हिस्सा लिया। पहले महाराष्ट्र से ज्यादा प्रतिभागी होते थे, लेकिन इस बार फाइनल राउंड में 30 प्रतिभागी शामिल हुईं।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *