खरगोन में नेशनल हाईवे का काम रोकने का फैसला:आदिवासी किसानों ने मुआवजे की मांग पर लिया निर्णय, ग्रामसभा में लेंगे प्रस्ताव

खरगोन में नेशनल हाईवे का काम रोकने का फैसला:आदिवासी किसानों ने मुआवजे की मांग पर लिया निर्णय, ग्रामसभा में लेंगे प्रस्ताव

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर खरगोन जिले से गुजरने वाले 55.80 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे (NH-347) के निर्माण को लेकर किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है। किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक उन्हें अपनी जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक वे सरवर देवला से पाल महाराष्ट्र तक बनने वाले इस हाईवे का काम शुरू नहीं होने देंगे। प्रशासन की तरफ से राजस्व भूमि के अधिग्रहण और उसके मुआवजे बांटने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। लेकिन इस हाईवे के दायरे में आने वाले वन क्षेत्र और वन अधिकार पट्टे धारक किसानों को अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। सरकार की तरफ से इस मामले में अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है, जिससे प्रभावित किसान परेशान हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी से की मुलाकात मुआवजे की मांग और अपनी समस्याओं को लेकर प्रभावित किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वन परिक्षेत्र अधिकारी से मुलाकात की है। इस दौरान अधिकारियों को आदिवासी किसानों की वर्तमान स्थिति और मुआवजे में आ रही अड़चनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। 17 मार्च को चिरिया में होगी ग्रामसभा आदिवासी बहुल क्षेत्र चिरिया में हुई किसानों की बैठक में यह तय किया गया है कि आगे की रणनीति के लिए 17 मार्च को एक ग्रामसभा का आयोजन होगा। इस ग्रामसभा में किसानों की मांगों को लेकर एक महत्वपूर्ण ठहराव प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इस बैठक में झिरन्या और भगवानपुरा ब्लॉक के सभी पटेल, सरपंच, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *