जमुई स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज का रखा मलबा:एक साल बाद भी नहीं हटा, अमृत भारत योजना पर सवाल

जमुई स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज का रखा मलबा:एक साल बाद भी नहीं हटा, अमृत भारत योजना पर सवाल

जमुई रेलवे स्टेशन पर पुराने फुट ओवरब्रिज का मलबा लगभग एक साल से प्लेटफॉर्म पर पड़ा हुआ है। पिछले साल मार्च में सुरक्षा कारणों से जर्जर ओवरब्रिज को ध्वस्त किया गया था, लेकिन उसका निर्माण सामग्री और मलबा अब तक पूरी तरह नहीं हटाया गया है। प्लेटफॉर्म एक और दो पर जगह-जगह पड़े पत्थर, लोहे के टुकड़े और सीमेंट के अवशेष यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। ट्रेन पकड़ने या उतरने के दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से कठिनाई होती है। यात्रियों का कहना है कि भीड़भाड़ में मलबे के कारण ठोकर लगने और गिरने का खतरा बना रहता है। मलबा हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया स्थानीय लोगों के अनुसार, फुट ओवरब्रिज तोड़ने वाली एजेंसी की लापरवाही स्पष्ट है। कई बार शिकायतें और मांगें उठाने के बावजूद मलबा हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यात्रियों ने स्टेशन प्रशासन और संबंधित एजेंसी पर इस मुद्दे को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया है। अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया यह उल्लेखनीय है कि जमुई स्टेशन को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया है। इस योजना का उद्देश्य स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करना है। हालांकि, जमीनी हकीकत इसके विपरीत है, जहां बुनियादी साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में ही लापरवाही सामने आ रही है। मलबा हटाकर प्लेटफॉर्म को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की मांग यात्रियों का कहना है कि जब स्टेशन को मॉडल और अमृत भारत योजना का हिस्सा बताया जा रहा है, तो ऐसी अव्यवस्था उसकी छवि को धूमिल करती है। रेलवे प्रशासन और संबंधित एजेंसी से तत्काल मलबा हटाकर प्लेटफॉर्म को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की मांग की गई है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और स्टेशन वास्तव में मॉडल स्टेशन की पहचान बना सके। जमुई रेलवे स्टेशन पर पुराने फुट ओवरब्रिज का मलबा लगभग एक साल से प्लेटफॉर्म पर पड़ा हुआ है। पिछले साल मार्च में सुरक्षा कारणों से जर्जर ओवरब्रिज को ध्वस्त किया गया था, लेकिन उसका निर्माण सामग्री और मलबा अब तक पूरी तरह नहीं हटाया गया है। प्लेटफॉर्म एक और दो पर जगह-जगह पड़े पत्थर, लोहे के टुकड़े और सीमेंट के अवशेष यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। ट्रेन पकड़ने या उतरने के दौरान बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से कठिनाई होती है। यात्रियों का कहना है कि भीड़भाड़ में मलबे के कारण ठोकर लगने और गिरने का खतरा बना रहता है। मलबा हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया स्थानीय लोगों के अनुसार, फुट ओवरब्रिज तोड़ने वाली एजेंसी की लापरवाही स्पष्ट है। कई बार शिकायतें और मांगें उठाने के बावजूद मलबा हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यात्रियों ने स्टेशन प्रशासन और संबंधित एजेंसी पर इस मुद्दे को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया है। अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया यह उल्लेखनीय है कि जमुई स्टेशन को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया है। इस योजना का उद्देश्य स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करना है। हालांकि, जमीनी हकीकत इसके विपरीत है, जहां बुनियादी साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में ही लापरवाही सामने आ रही है। मलबा हटाकर प्लेटफॉर्म को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की मांग यात्रियों का कहना है कि जब स्टेशन को मॉडल और अमृत भारत योजना का हिस्सा बताया जा रहा है, तो ऐसी अव्यवस्था उसकी छवि को धूमिल करती है। रेलवे प्रशासन और संबंधित एजेंसी से तत्काल मलबा हटाकर प्लेटफॉर्म को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की मांग की गई है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और स्टेशन वास्तव में मॉडल स्टेशन की पहचान बना सके।  

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