वॉशिंगटन में हाल के दिनों में धार्मिक और संवैधानिक मुद्दों पर बहस तेज होती जा रही है। खासतौर पर शरिया कानून को लेकर रिपब्लिकन सांसदों के बीच चिंता और राजनीतिक सक्रियता बढ़ी है। इसी कड़ी में अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में एक विशेष बहस के दौरान शरिया कानून के खिलाफ सात नए बिल पेश करने की तैयारी की घोषणा की गई। रिपब्लिकन सांसदों ने इस मुद्दे को अमेरिकी संविधान की सर्वोच्चता से जोड़ते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर की चिंता बताया है। उन्होंने दावा किया कि इन प्रस्तावित कानूनों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी विदेशी धार्मिक कानून अमेरिकी न्याय व्यवस्था में प्रवेश न कर सके।
चिप रॉय ने इसे एक व्यापक वैचारिक चुनौती बताया
हाउस में हुई करीब एक घंटे की इस बहस का नेतृत्व सांसद कीथ सेल्फ और चिप रॉय ने किया, जो शरिया फ्री अमेरिका कॉकस के सह अध्यक्ष हैं। इस कॉकस की स्थापना तीन महीने पहले हुई थी और अब इसके 60 सदस्य 25 राज्यों से जुड़े बताए जा रहे हैं। कीथ सेल्फ ने कहा कि यह बढ़ती सदस्य संख्या इस मुद्दे पर देशभर में बढ़ती चिंता को दर्शाती है। उन्होंने अमेरिकी संविधान को सर्वोच्च बताते हुए कहा कि देश की नींव व्यक्तिगत स्वतंत्रता और स्पष्ट संवैधानिक नियमों पर आधारित है। चिप रॉय ने इस बहस को एक व्यापक वैचारिक चुनौती बताते हुए कहा कि किसी भी खतरे को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर परिणाम ला सकता है।
अमेरिका में केवल एक ही कानून लागू होगा
बहस में शामिल अन्य सांसदों ने भी संविधान की सर्वोच्चता पर जोर दिया। रैंडी वेबर ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका में केवल एक ही कानून लागू होना चाहिए, और वह है संविधान। वहीं रस फुल्चर ने कहा कि शरिया कानून और अमेरिकी कानून एक साथ नहीं चल सकते। कई सांसदों ने इसे सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताते हुए हाल की घटनाओं का हवाला दिया। कीथ सेल्फ ने दावा किया कि मार्च महीने में कुछ घटनाएं इस्लामी चरमपंथ से जुड़ी रही हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ी है। हालांकि इन दावों पर विपक्षी दलों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
टेक्सास राज्य का विशेष रूप से हुआ जिक्र
इस बहस में टेक्सास राज्य का भी विशेष रूप से जिक्र हुआ। कीथ सेल्फ ने प्लानो क्षेत्र में एक मस्जिद से जुड़े विकास प्रोजेक्ट को लेकर चिंता जताई और इसे एक समानांतर समाज के रूप में पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह क्षेत्र शरिया कानून के प्रभाव में एक अलग व्यवस्था बना सकता है। इसके अलावा एक बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट का भी जिक्र हुआ जो अभी नियामकीय और कानूनी जांच के दायरे में है। सांसदों ने इन उदाहरणों के जरिए यह दिखाने की कोशिश की कि यह मुद्दा केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर भी मौजूद है।


