लातेहार बस हादसे में मरने वालों की संख्या 10 हुई:बंगलादारा घाटी में उतरते समय ब्रेक फेल होने से पलटी थी बस, 70 से अधिक लोग घायल

लातेहार बस हादसे में मरने वालों की संख्या 10 हुई:बंगलादारा घाटी में उतरते समय ब्रेक फेल होने से पलटी थी बस, 70 से अधिक लोग घायल

लातेहार के महुआडांड़ के हामी–ओरसा रोड पर ओरसा के बंगलादारा घाटी में रविवार को हुई बस दुर्घटना में मृतकों की संख्या 10 हो गई है। सोमवार को हादसे में जख्मी परशुराम ने दम तोड़ दिया। कल तक मृतकों की संख्या 9 थी। हादसा ब्रेक फेल होकर घाटी में पलटने से हुई थी। घटना में 70 से अधिक यात्री घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल 35 यात्रियों को रिम्स, रांची भेजा गया। दुर्घटनाग्रस्त स्कूल बस में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। सभी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले पीपरसोत गांव के हैं। छेका के लिए महुआडांड़ के लोध गांव जा रहे थे। चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और गाड़ी पलट गई
बंगलादारा घाटी में चढ़ाई से नीचे उतरते समय अचानक बस का ब्रेक फेल हो गया, जिससे चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस पलट गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कई यात्री बस के अंदर ही दब गए, जबकि कुछ यात्री उछलकर दूर जा गिरे। घायलों को मुहुआडांड़ सीएचसी र और कार्मेल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से रिम्स रेफर किया गया। घायलों में बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और पुरुष शामिल हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मालूम हो कि अधिकतर यात्री छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के ग्राम पीपरसोत के निवासी थे। वे जयचंद सोनवानी की बेटी के छेका कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महुआडांड़ के लोध गांव स्थित राकेश सोनवानी के घर जा रहे थे। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया। सभी मृतक छत्तीसगढ़ के बलराम जिले के पीपरसोत गांव निवासी
रेशांति देवी (35)
प्रेमा देवी (37)
सीता देवी (45)
सुखना भुईयां (40)
सोनामति देवी (45)
विजय सिंह (32)
लीलावती देवी (35)
रमेश मनिका (35)
फगुआ राम (65)
परशुराम सोनवानी तेज गति में थी बस, ढलान पर नियंत्रण नहीं रख सका चालक
घायल यात्रियों कृष्णा नाग, अधीर सोनवानी, महेंद्र कुमार, लक्ष्मण नायक, जोखू राम और गुलाबवती नायक ने बताया कि बस घाटी में उतरते समय तेज गति में थी। वहीं, बस चालक विकास पाठक ने बताया कि दुर्घटना से कुछ पहले ही उन्हें ब्रेक सही से काम न करने का आभास हो गया था। उन्होंने हैंड ब्रेक लगाने और इंजन बंद करने की कोशिश की, लेकिन ढलान पर बस पर नियंत्रण नहीं किया जा सका और गाड़ी पलट गई। लातेहार के महुआडांड़ के हामी–ओरसा रोड पर ओरसा के बंगलादारा घाटी में रविवार को हुई बस दुर्घटना में मृतकों की संख्या 10 हो गई है। सोमवार को हादसे में जख्मी परशुराम ने दम तोड़ दिया। कल तक मृतकों की संख्या 9 थी। हादसा ब्रेक फेल होकर घाटी में पलटने से हुई थी। घटना में 70 से अधिक यात्री घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल 35 यात्रियों को रिम्स, रांची भेजा गया। दुर्घटनाग्रस्त स्कूल बस में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। सभी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले पीपरसोत गांव के हैं। छेका के लिए महुआडांड़ के लोध गांव जा रहे थे। चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और गाड़ी पलट गई
बंगलादारा घाटी में चढ़ाई से नीचे उतरते समय अचानक बस का ब्रेक फेल हो गया, जिससे चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस पलट गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कई यात्री बस के अंदर ही दब गए, जबकि कुछ यात्री उछलकर दूर जा गिरे। घायलों को मुहुआडांड़ सीएचसी र और कार्मेल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से रिम्स रेफर किया गया। घायलों में बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और पुरुष शामिल हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मालूम हो कि अधिकतर यात्री छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के ग्राम पीपरसोत के निवासी थे। वे जयचंद सोनवानी की बेटी के छेका कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महुआडांड़ के लोध गांव स्थित राकेश सोनवानी के घर जा रहे थे। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया। सभी मृतक छत्तीसगढ़ के बलराम जिले के पीपरसोत गांव निवासी
रेशांति देवी (35)
प्रेमा देवी (37)
सीता देवी (45)
सुखना भुईयां (40)
सोनामति देवी (45)
विजय सिंह (32)
लीलावती देवी (35)
रमेश मनिका (35)
फगुआ राम (65)
परशुराम सोनवानी तेज गति में थी बस, ढलान पर नियंत्रण नहीं रख सका चालक
घायल यात्रियों कृष्णा नाग, अधीर सोनवानी, महेंद्र कुमार, लक्ष्मण नायक, जोखू राम और गुलाबवती नायक ने बताया कि बस घाटी में उतरते समय तेज गति में थी। वहीं, बस चालक विकास पाठक ने बताया कि दुर्घटना से कुछ पहले ही उन्हें ब्रेक सही से काम न करने का आभास हो गया था। उन्होंने हैंड ब्रेक लगाने और इंजन बंद करने की कोशिश की, लेकिन ढलान पर बस पर नियंत्रण नहीं किया जा सका और गाड़ी पलट गई।  

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