‘दुश्मन का समर्थन करने पर मौत की सजा’: ईरान ने प्रवासी नागरिकों को दी खुली धमकी

‘दुश्मन का समर्थन करने पर मौत की सजा’: ईरान ने प्रवासी नागरिकों को दी खुली धमकी

Iran Threatens Migrant Citizens: मिडिल ईस्ट में तनाव अब भी बरकरार है। हालात इतने तेजी से बदल रहे हैं कि हर नया दिन किसी नई चिंगारी को जन्म दे रहा है। ताजा घटनाओं में, ईरान ने बाहर रह रहे अपने ही नागरिकों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर किसी ने दुश्मन देशों का साथ दिया, तो उसे मौत की सजा तक दी जा सकती है।

यह धमकी ऐसे समय में आई है जब ईरान की सत्ता बड़े बदलाव से गुजर रही है। हाल ही में ईरान के वरिष्ठ मौलवियों ने मोजतबा खामेनेई को उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह लेने के लिए आधिकारिक तौर पर चुन लिया है।

अपने ही अपने नागरिकों को मौत की सजा

दरसअल, ईरान ने बाहर रहने वाले अपने नागरिकों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने यूनाइटेड स्टेट्स, इजराइल या उनके किसी साथी देश का समर्थन किया, तो उनके ईरान में मौजूद एसेट्स जब्त कर लिए जाएंगे।

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के प्रॉसिक्यूटर जनरल ऑफिस ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इन दुश्मन देशों या उनके एजेंटों के लिए ऐसा काम करता है जो ईरान की सुरक्षा के खिलाफ हो, तो उसे मौत की सजा भी दी जा सकती है।

यह चेतावनी ऐसे समय में दी गई है जब यूरोप, नॉर्थ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले कई ईरानी लोग US के हालिया हमलों और सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की कथित मौत पर खुलकर खुशी जाहिर कर रहे हैं। इसी माहौल को देखते हुए ईरान सरकार और ज्यादा सख्त रुख अपना रही है।

ईरान की चेतावनी रणनीति का हिस्सा

युद्ध अपने दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है और अब इसे नए दौर की शुरुआत बताया जा रहा है। लेबनान, इराक और बहरीन तक सैन्य तनाव फैल चुका है, जबकि तेल की कीमतें 25% से ज़्यादा उछल गई हैं। लेकिन ईरान अब अपनी स्थिति बचाने और नए सुप्रीम लीडर को मजबूत करने की कोशिश में जुटा है, इसके लिए वह हर संभव कदम उठा रहा है। ताजा चेतावनी भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ताकी दुश्मन देशों को किसी भी तरह का लाभ न मिल सके।

पुतिन ने नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई को बधाई दी

रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने क्रेमलिन जारी एक संदेश में ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई (Mojtaba Khamenei) को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ईरान इस समय जब भारी हमलों का सामना कर रहा है, ऐसे कठिन दौर में सबसे बड़े पद का चुनाव करना बहुत हिम्मत और समर्पण की बात है।

पुतिन ने लिखा कि उन्हें भरोसा है कि मोजतबा अपने पिता की विरासत को सम्मान के साथ आगे बढ़ाएंगे और मुश्किल हालात में ईरानी जनता को एकजुट रखेंगे। साथ ही, उन्होंने कहा कि रूस हमेशा तेहरान के साथ खड़ा रहा है और आगे भी रहेगा। पुतिन ने मॉस्को को इस्लामिक रिपब्लिक का एक भरोसेमंद साझेदार बताया और ईरान के लिए रूस के लगातार समर्थन को दोहराया।

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