बालाघाट के भटेरा स्थित एक नशामुक्ति केंद्र में भर्ती 36 वर्षीय युवक किरण बसेने की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने केंद्र प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। किरण बसेने को अत्यधिक शराब पीने की समस्या के चलते शनिवार दोपहर को केंद्र में भर्ती कराया गया था। भर्ती के मात्र 16 घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई, जिससे केंद्र में भर्ती अन्य मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक के भाई मनोज बसेने ने आरोप लगाया कि केंद्र ने उनके भाई की देखरेख में घोर लापरवाही बरती। उन्होंने बताया कि भर्ती के बाद जब उन्होंने काउंसलर से किरण से बात कराने को कहा, तो काउंसलर ने उनसे अभद्रता की। मनोज ने इस मौत को केंद्र की लापरवाही बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, नशामुक्ति केंद्र के संचालक धनेन्द्र हनवत ने बताया कि उन्हें भर्ती मरीज किरण बसेने की मौत की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर शव बिस्तर पर सोई हुई अवस्था में मिला। हनवत के अनुसार, आसपास सो रहे अन्य मरीजों ने बताया कि किरण ने रात 12 बजे तक उनसे बात की थी, हाथ-पैरों में तेल लगवाया और ठंड लगने की बात कहकर सो गया था। संचालक ने आशंका जताई कि रात में उसका स्वास्थ्य बिगड़ा होगा, जिससे उसकी मौत हुई। धनेन्द्र हनवत ने पुलिस को घटना की सूचना दी है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। थाना प्रभारी कामेश धूमकेती ने बताया कि शव को बरामद कर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


