मुजफ्फरपुर में बुजुर्ग की मौत; डॉक्टर फरार:बेटा बोला- गलत इंजेक्शन लगाने के कारण बिगड़ी तबीयत

मुजफ्फरपुर में बुजुर्ग की मौत; डॉक्टर फरार:बेटा बोला- गलत इंजेक्शन लगाने के कारण बिगड़ी तबीयत

मुजफ्फरपुर के पारू थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की ओर से लगाए गए इंजेक्शन के बाद 68 साल के बुजुर्ग की जान गई गई है। आरोप है कि गलत इंजेक्शन के कारण बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ी और कुछ ही देर में उनकी जान चली गई। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर अपनी दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान तपेश्वर साह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, तपेश्वर साह के पैर में मामूली घाव था, जिसके इलाज के लिए वे गांव के चौक पर स्थित एक स्थानीय ग्रामीण चिकित्सक के पास गए थे। बेटा बोला- इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी तबीयत मृतक के बेटे दीपक कुमार ने बताया कि डॉक्टर ने घाव देखकर तुरंत आराम का दावा किया और एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनटों बाद तपेश्वर साह की हालत बिगड़ने लगी और उन्हें तेज बेचैनी महसूस हुई। परिजनों का आरोप है कि बुजुर्ग की गंभीर स्थिति देखकर कथित झोलाछाप डॉक्टर अपनी क्लिनिक छोड़कर भाग गया। आनन-फानन में तपेश्वर साह को पारू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बुजुर्ग की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों और परिजनों ने डॉक्टर की दुकान पर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) भेज दिया है। पारू थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक के बेटा ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की गहन छानबीन कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा। फरार डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।” मुजफ्फरपुर के पारू थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की ओर से लगाए गए इंजेक्शन के बाद 68 साल के बुजुर्ग की जान गई गई है। आरोप है कि गलत इंजेक्शन के कारण बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ी और कुछ ही देर में उनकी जान चली गई। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर अपनी दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान तपेश्वर साह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, तपेश्वर साह के पैर में मामूली घाव था, जिसके इलाज के लिए वे गांव के चौक पर स्थित एक स्थानीय ग्रामीण चिकित्सक के पास गए थे। बेटा बोला- इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी तबीयत मृतक के बेटे दीपक कुमार ने बताया कि डॉक्टर ने घाव देखकर तुरंत आराम का दावा किया और एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनटों बाद तपेश्वर साह की हालत बिगड़ने लगी और उन्हें तेज बेचैनी महसूस हुई। परिजनों का आरोप है कि बुजुर्ग की गंभीर स्थिति देखकर कथित झोलाछाप डॉक्टर अपनी क्लिनिक छोड़कर भाग गया। आनन-फानन में तपेश्वर साह को पारू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बुजुर्ग की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों और परिजनों ने डॉक्टर की दुकान पर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) भेज दिया है। पारू थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक के बेटा ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की गहन छानबीन कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा। फरार डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।”  

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