हमीरपुर कलेक्ट्रेट में कोरी समाज महासंस्थान के सदस्यों ने प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने जिला अस्पताल के स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अस्पताल स्टाफ द्वारा समय पर इलाज न मिलने के कारण एक मरीज की मौत हो गई। उन्होंने मांग की है कि पीड़ित परिवार को मुआवजा और आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही, संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाए। यह आरोप लगाया गया है कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने मरीज को सही समय पर उपचार नहीं दिया। ज्ञापन देने पहुंचे सुरेश कुमार ने बताया कि 22 मार्च को मौदहा निवासी रामहेत अनुरागी की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें रात करीब दो बजे जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टर ने उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कर इंजेक्शन लगाया और रात भर वहीं रखा। सुरेश कुमार ने आरोप लगाया कि सुबह 11 बजे मरीज को वार्ड में भेजा गया, लेकिन दोपहर एक बजे तक उसकी फाइल तक नहीं बनाई गई। इस तरह करीब 12 घंटे तक मरीज बिना विधिवत भर्ती हुए तड़पता रहा और अंततः उसकी मौत हो गई। प्रदर्शन में शामिल बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष छोटेलाल वर्मा ने कहा कि मृतक पार्टी का कार्यकर्ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही के कारण उसकी जान गई है। छोटेलाल ने घटना वाले दिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।


