खेत विवाद में मारपीट और जानलेवा हमले के साढ़े पांच साल पुराने मामले में जिला एवं सेशन कोर्ट धौलपुर ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं, इस मामले में छह अन्य आरोपियों को प्रोबेशन पर जमानत देकर रिहा कर दिया है। लोक अभियोजक शैलेंद्र मथुरिया ने बताया कि यह मामला जिले के कौलारी थाना क्षेत्र का है। पुरानी छावनी निवासी राजू पुत्र महेंद्र सिंह गुर्जर ने मारपीट और जानलेवा हमले को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित राजू गुर्जर के अनुसार 7 जुलाई 2020 को उनके भांजे हरिओम, बलदाऊ और सुनील झारपुरा स्थित अपने खेतों पर काम कर रहे थे। तभी सोने का पुरा निवासी दाताराम, बनवारी, कैलाशी, थान सिंह, बेनीराम, भीकम, पूरन और लल्लूराम कुशवाह लाठी, फरसा, बल्लम और कट्टे लेकर आए और मारपीट की। उसी दिन शाम करीब 6 बजे उनके रिश्तेदार कृष्णा जब घर लौट रहे थे, तब पूरन और लल्लूराम ने उन पर लाठी से हमला किया। जान से मारने की नीयत से कट्टे से फायर भी किया, जिसके छर्रे कृष्णा के सिर में लगे और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। कृष्णा का इलाज जयपुर में चला था। लोक अभियोजक मथुरिया ने बताया कि जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो ने इस प्रकरण की सुनवाई की। उन्होंने आरोपी पूरन पुत्र कैलाशी कुशवाह और लल्लूराम पुत्र हरिचरन कुशवाह निवासी सोने का पुरा, कौलारी को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसी प्रकरण में अन्य आरोपी दाताराम, बनवारी, कैलाशी, थान सिंह, बेनीराम और भीकम सिंह को प्रोबेशन पर जमानत देकर रिहा कर दिया गया है।


