बरेली/पीलीभीत। गोरखपुर के ठेकेदार का नाम आते ही लोक निर्माण विभाग में खामोशी छा जाती है। ठेका लो-विलो, काम अधूरा और समय सीमा बेअसर। यह पैटर्न नया नहीं है, लेकिन अब पूरनपुर–धनाराघाट मार्ग पर वही कहानी दोहराई जा रही है। 19 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य की डेडलाइन निकल चुकी है, सड़क आज भी अधूरी है, और पीडी/अभियंता कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
गोरखपुर के ठेकेदार का विवादों से पुराना नाता रहा है। कहीं विलो टेंडर डालकर काम लिया गया, कहीं निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं हुआ। शाहजहांपुर में विभाग से उलझन के बाद मामला ठंडा पड़ा और अब पीलीभीत के धनाराघाट पर भी समय सीमा फेल। इसके बावजूद उसे पीडब्ल्यूडी ठेकेदार को लगातार टेंडर मिल रहे हैं।
तीन साल पुरानी स्वीकृति, अब तक अधूरा निर्माण
करीब तीन साल पहले धनाराघाट-शेरपुर दौरे के दौरान स्थानीय मांग पर तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने ₹190235411.05 (करीब 19 करोड़) स्वीकृत किए थे। योजना के तहत निघासन–पलिया–धनाराघाट–पूरनपुर (PDR 002-सी) के किमी 94–103 तक चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण होना था। ठेका 4 मार्च 2024 को मै. शकुंतला सिंह (प्रो.), ग्राम चकरा, पोस्ट राजघाट, गोरखपुर को मिला। डेडलाइन 3 जनवरी 2025 थी। सड़क का निर्माण पूरा करना था। मियाद पूरी हो गई, सड़क अभी भी अधूरी है।
एक बरसात में बह जाएगी मिट्टी
पीलीभीत में जानकारों का कहना है कि मौजूदा मिट्टी-कार्य पहली बरसात भी नहीं झेल पाएगा। चर्चा है कि घटिया काम के सहारे करोड़ों ठिकाने लगाने की कोशिश चल रही है। अंदरखाने यह भी कहा जा रहा है कि ठेकेदार खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर का बताते हुए दबाव बनाता है। इसीलिए कार्रवाई ठप है।
JCB से सड़क उखड़ने के मामले में आया था ठेकेदार का नाम
मैसर्स शकुंतला देवी/सिंह फर्म के मालिक रमेश सिंह (निवासी-मोहल्ला चक्ररा प्रथम, राजघाट, गोरखपुर) ने जैतीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि 2 अक्टूबर 2023 को जैतीपुर-दातागंज-बदायूं रोड चौड़ीकरण के दौरान विधायक के करीबी लोगों ने JCB से सड़क खोद दी, कर्मचारियों से मारपीट की और कई महीनों से सरकारी कार्य में बाधा डाली जा रही है। इसी कारण काम प्रभावित हुआ। विधायक पक्ष का कहना था कि ठेकेदार ने विलो टेंडर डाला था। काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं हो पा रहा था। ठेकेदार गड़बड़ी कर रहा था।
अभियंता की सफाई
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड पीलीभीत के अवर अभियंता संतोष मौर्य का कहना है कि धनाराघाट मार्ग में कुछ काम शेष है। ठेकेदार के पास काम की अधिकता है। धूप निकलते ही काम पूरा कराया जाएगा। नालों में कोई शिकायत नहीं मिली, घटिया क्वालिटी होगी तो ठीक कराएंगे।


