भास्कर न्यूज | अमृतसर नगर निगम के वित्तीय वर्ष का अंत होने में महज 6 दिन बचे हैं, लेकिन शहर के विकास का रोडमैप तैयार करने वाला बजट अब भी अधर में है। पिछले दो महीनों से मीटिंग की तैयारी के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन तारीख फिक्स नहीं हो सकी है। नियमों के मुताबिक, हाउस की मीटिंग के लिए पार्षदों को 3 दिन पहले लिखित नोटिस देना अनिवार्य है। यदि 28 मार्च तक मीटिंग कॉल नहीं की गई, तो पार्षदों के पास विकास प्रस्तावों पर चर्चा का समय नहीं बचेगा। बिना एजेंडा पढ़े बजट पास करना महज एक खानापूर्ति बनकर रह जाएगा। पिछले साल भी मीटिंग में देरी के कारण विकास कार्यों की प्लानिंग प्रभावित हुई थी। यदि 31 मार्च तक बजट पास नहीं हुआ, तो नए वित्तीय वर्ष के कामों पर प्रशासनिक और तकनीकी ब्रेक लग सकता है। हाउस की मीटिंग को लेकर सवाल उठ रहे कि आखिर क्लोजिंग ईयर 31 मार्च की डेडलाइन पहले ही तय है। ऐसे में पार्षदों की मीटिंग बुलाने के लिए आखिरी हफ्ते तक इंतजार क्यों किया जा रहा है।


