समस्तीपुर के युवक की बेगूसराय में मिली लाश:निर्माणाधीन घर के कमरे से लटका था शव; सेंटरिंग का करता था काम

समस्तीपुर के युवक की बेगूसराय में मिली लाश:निर्माणाधीन घर के कमरे से लटका था शव; सेंटरिंग का करता था काम

समस्तीपुर के रहने वाले एक सेंटरिंग मिस्त्री की लाश आज बेगूसराय में फंदे से लटकी मिली है। घटना मंसूरचक थाना क्षेत्र के समस पंचायत-एक स्थित सोहिलवाड़ा गांव की है। मृतक की पहचान समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र स्थित गंगौली गांव के रहने वाले रामप्रताप दास के बेटे संजीत कुमार दास (36) के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही विभूतिपुर के विधायक अजय कुमार भी मौके पर पहुंचे। परिजनों से बात की, घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों से बात कर मामले का जल्द खुलासा करने की बात कही है। कारण के संबंध में परिजन अभी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। संजीत कुमार दास घर बनाने में सेंटरिंग लगाने का काम करता था। सोहिलवाड़ा में अनिल साह का घर बन रहा है, जिसके मालिक कोलकाता में रहते हैं और यहां घर राजमिस्त्री की ओर से बनाया जा रहा था। जिसमें संजीत कुमार दास ने सेंटरिंग लगाया था। कल संजीत साइट पर जाने की बात कह कर घर से निकला। रात में घर नहीं लौटा और फोन भी रिसीव नहीं कर रहा था।आज जब खोजते हुए पिता और गांव के लोग मौके पर पहुंचे, तो निर्माणाधीन घर में ही उपरी मंजिल पर नारियल के रस्सी से संजीत की लाश की लटकी हुई थी। उसका पैर नीचे धरातल पर सटा हुआ था, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा है। स्थानीय लोगों की सूचना पर मंसूरचक थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल की टीम को भी बुलाया वरीय पदाधिकारी को घटना की सूचना दी गई, तो तेघड़ा डीएसपी कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे। एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। इसके बाद साक्ष्य जुटाने सहित सभी प्रक्रिया कर लाश को नीचे उतारा गया है। फिलहाल पुलिस की टीम सभी पहलुओं पर जांच पड़ताल कर रही है। उसके बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। मृतक के पड़ोसी कृष्णा कुमार ने बताया कि संजीत रात में घर नहीं पहुंचा, तो घर के लोग लगातार फोन कर रहे थे, लेकिन वो फोन रिसीव नहीं कर रहा था। आज करीब 10 बजे संजीत की मां मेरे घर पर आई और उसने बताया कि फोन रिसीव नहीं कर रहा है। हम लोगों ने भी फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। लोकेशन ट्रैक करने पर ये सोहिलवाड़ा का निकला। फिर हम लोग संजीत के पिता राम प्रताप दास के साथ पहुंचे, तो बन रहे घर के नीचे संजीत की बाइक सड़क किनारे लगी हुई थी। लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। संजीत के पिता खोजने के लिए छत पर गए तो उसकी लाश फंदे से लटकी हुई थी। समस्तीपुर के रहने वाले एक सेंटरिंग मिस्त्री की लाश आज बेगूसराय में फंदे से लटकी मिली है। घटना मंसूरचक थाना क्षेत्र के समस पंचायत-एक स्थित सोहिलवाड़ा गांव की है। मृतक की पहचान समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र स्थित गंगौली गांव के रहने वाले रामप्रताप दास के बेटे संजीत कुमार दास (36) के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही विभूतिपुर के विधायक अजय कुमार भी मौके पर पहुंचे। परिजनों से बात की, घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों से बात कर मामले का जल्द खुलासा करने की बात कही है। कारण के संबंध में परिजन अभी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। संजीत कुमार दास घर बनाने में सेंटरिंग लगाने का काम करता था। सोहिलवाड़ा में अनिल साह का घर बन रहा है, जिसके मालिक कोलकाता में रहते हैं और यहां घर राजमिस्त्री की ओर से बनाया जा रहा था। जिसमें संजीत कुमार दास ने सेंटरिंग लगाया था। कल संजीत साइट पर जाने की बात कह कर घर से निकला। रात में घर नहीं लौटा और फोन भी रिसीव नहीं कर रहा था।आज जब खोजते हुए पिता और गांव के लोग मौके पर पहुंचे, तो निर्माणाधीन घर में ही उपरी मंजिल पर नारियल के रस्सी से संजीत की लाश की लटकी हुई थी। उसका पैर नीचे धरातल पर सटा हुआ था, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा है। स्थानीय लोगों की सूचना पर मंसूरचक थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल की टीम को भी बुलाया वरीय पदाधिकारी को घटना की सूचना दी गई, तो तेघड़ा डीएसपी कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे। एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। इसके बाद साक्ष्य जुटाने सहित सभी प्रक्रिया कर लाश को नीचे उतारा गया है। फिलहाल पुलिस की टीम सभी पहलुओं पर जांच पड़ताल कर रही है। उसके बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। मृतक के पड़ोसी कृष्णा कुमार ने बताया कि संजीत रात में घर नहीं पहुंचा, तो घर के लोग लगातार फोन कर रहे थे, लेकिन वो फोन रिसीव नहीं कर रहा था। आज करीब 10 बजे संजीत की मां मेरे घर पर आई और उसने बताया कि फोन रिसीव नहीं कर रहा है। हम लोगों ने भी फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। लोकेशन ट्रैक करने पर ये सोहिलवाड़ा का निकला। फिर हम लोग संजीत के पिता राम प्रताप दास के साथ पहुंचे, तो बन रहे घर के नीचे संजीत की बाइक सड़क किनारे लगी हुई थी। लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। संजीत के पिता खोजने के लिए छत पर गए तो उसकी लाश फंदे से लटकी हुई थी।  

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