मधुबनी जिले के झंझारपुर थाना क्षेत्र में चनौरागंज ओवरब्रिज के पास NH-27 पर एक शव बरामद हुआ है। रात्रि गश्ती के दौरान पुलिस को यह शव मिला, जिसके बाद परिजनों के आवेदन पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। घटना की जांच के लिए टेक्निकल टीम और एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक की पहचान 20 वर्षीय ओम प्रकाश ठाकुर के रूप में हुई है। उनके पिता शिव शंकर ठाकुर ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की प्रेम प्रसंग के चलते गला रेतकर हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि हत्या के बाद शव को एनएच पर ओवरब्रिज के पास फेंक दिया गया, ताकि इसे एक दुर्घटना का रूप दिया जा सके। पिता ने एक लड़की अंजलि का नाम भी बताया है, जिसका फोन मृतक के पास आया था। पुआल से ढकने का प्रयास किया गया
मृतक के पिता के अनुसार, पड़ोसियों ने जानकारी दी कि ओम प्रकाश की हत्या घर के सामने ही गला रेतकर की गई थी। घटनास्थल पर काफी खून गिरा था, जिसे पुआल से ढकने का प्रयास किया गया था। घर से आगे बगीचे तक खून के निशान पाए गए हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद शव को घसीटकर एनएच पर फेंका गया होगा। इस घटना के बाद झंझारपुर के पूर्व सांसद और भाजपा नेता बीरेंद्र चौधरी ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने घटना की जानकारी ली और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से इस मामले का तत्काल उद्भेदन करने की मांग की है। गुमराह करने के उद्देश्य से फेंका शव
थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने बताया कि घटनास्थल के निरीक्षण और शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस इसे हत्या का मामला मान रही है। मृतक घर से अपनी मां को पिता की दुकान पर जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वह पिता के पास नहीं पहुंचा। एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा ने भी प्रथम दृष्टया इसे हत्या का मामला बताया है। उन्होंने कहा कि युवक की हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई है और साक्ष्य छिपाने या पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को हाईवे पर फेंका गया है। पुलिस मृतक के गले और शरीर पर मिले चोट के निशानों की जांच कर रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। मधुबनी जिले के झंझारपुर थाना क्षेत्र में चनौरागंज ओवरब्रिज के पास NH-27 पर एक शव बरामद हुआ है। रात्रि गश्ती के दौरान पुलिस को यह शव मिला, जिसके बाद परिजनों के आवेदन पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। घटना की जांच के लिए टेक्निकल टीम और एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक की पहचान 20 वर्षीय ओम प्रकाश ठाकुर के रूप में हुई है। उनके पिता शिव शंकर ठाकुर ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की प्रेम प्रसंग के चलते गला रेतकर हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि हत्या के बाद शव को एनएच पर ओवरब्रिज के पास फेंक दिया गया, ताकि इसे एक दुर्घटना का रूप दिया जा सके। पिता ने एक लड़की अंजलि का नाम भी बताया है, जिसका फोन मृतक के पास आया था। पुआल से ढकने का प्रयास किया गया
मृतक के पिता के अनुसार, पड़ोसियों ने जानकारी दी कि ओम प्रकाश की हत्या घर के सामने ही गला रेतकर की गई थी। घटनास्थल पर काफी खून गिरा था, जिसे पुआल से ढकने का प्रयास किया गया था। घर से आगे बगीचे तक खून के निशान पाए गए हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद शव को घसीटकर एनएच पर फेंका गया होगा। इस घटना के बाद झंझारपुर के पूर्व सांसद और भाजपा नेता बीरेंद्र चौधरी ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने घटना की जानकारी ली और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से इस मामले का तत्काल उद्भेदन करने की मांग की है। गुमराह करने के उद्देश्य से फेंका शव
थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने बताया कि घटनास्थल के निरीक्षण और शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस इसे हत्या का मामला मान रही है। मृतक घर से अपनी मां को पिता की दुकान पर जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वह पिता के पास नहीं पहुंचा। एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा ने भी प्रथम दृष्टया इसे हत्या का मामला बताया है। उन्होंने कहा कि युवक की हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई है और साक्ष्य छिपाने या पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को हाईवे पर फेंका गया है। पुलिस मृतक के गले और शरीर पर मिले चोट के निशानों की जांच कर रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।


