औरंगाबाद के दाउदनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नान्हू बीघा बालू घाट पर सोन नदी के किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिला है। सोमवार को स्थानीय लोग नदी की ओर गए तो, उनकी नजर नदी किनारे पड़े शव पर पड़ी, जिसके बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही दाउदनगर थानाध्यक्ष विकास कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन शव की स्थिति दयनीय होने के कारण पहचान कर पाना संभव नहीं हो सका। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया शव कहीं दूसरे स्थान से बहकर आने की आशंका है। नदी में बहते रहने के कारण मछलियों ने शव को काफी क्षत-विक्षत कर दिया है, जिससे पहचान करना और भी कठिन हो गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक रखा जाएगा शव थानाध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद पहचान के लिए शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा। इस दौरान यदि कोई पहचान करता है तो शव को उन्हें सौंप दिया जाएगा। नहीं तो निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद प्रशासन हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कर देगा। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है और आसपास के थानों से भी संपर्क साधा जा रहा है, ताकि गुमशुदगी की किसी सूचना से मिलान किया जा सके। औरंगाबाद के दाउदनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नान्हू बीघा बालू घाट पर सोन नदी के किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिला है। सोमवार को स्थानीय लोग नदी की ओर गए तो, उनकी नजर नदी किनारे पड़े शव पर पड़ी, जिसके बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही दाउदनगर थानाध्यक्ष विकास कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन शव की स्थिति दयनीय होने के कारण पहचान कर पाना संभव नहीं हो सका। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया शव कहीं दूसरे स्थान से बहकर आने की आशंका है। नदी में बहते रहने के कारण मछलियों ने शव को काफी क्षत-विक्षत कर दिया है, जिससे पहचान करना और भी कठिन हो गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
शिनाख्त के लिए 72 घंटे तक रखा जाएगा शव थानाध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद पहचान के लिए शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा। इस दौरान यदि कोई पहचान करता है तो शव को उन्हें सौंप दिया जाएगा। नहीं तो निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद प्रशासन हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कर देगा। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है और आसपास के थानों से भी संपर्क साधा जा रहा है, ताकि गुमशुदगी की किसी सूचना से मिलान किया जा सके।


