कानपुर के पनकी में फैक्ट्री के लिए घर से निकले युवक का दूसरे दिन रेलवे लाइन किनारे शव मिला। मां से एक बार उसकी फोन पर बात हुई, उसके बाद मोबाइल स्विचऑफ बताने लगा। घरवालों ने युवक की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। चौकी पहुंचने पर पुलिस ने फोटो दिखाकर शव की शिनाख्त कराई तो कोहराम मच गया। युवक का मोबाइल व बाइक का पता नहीं है। परिजनों ने उसकी हत्या कर शव ट्रैक किनारे फेंकने का आरोप लगाया है। पनका के बहादुरनगर का रहने वाला कृष्णा (22) पनकी स्थित फैक्ट्री में नौकरी करता था। परिवार में मां सुनीता, भाई रामजी व श्यामजी और एक शादीशुदा बहन कामिनी है। रामजी ने बताया कि कृष्णा सोमवार सुबह बाइक से ड्यूटी के लिए निकला था। देर शाम तक उसके वापस न आने प र रात सवा दस बजे मां ने उसे फोन किया। घर न आने का कारण पूछा। इस पर उसने बताया कि नाइट ड्यूटी कर रहे हैं। जब कृष्णा मंगलवार सुबह तक घर नहीं आया तो मां ने फिर फोन किया। इस पर उसका मोबाइल स्विचऑफ मिला। रामजी के अनुसार मां ने उस समय समझा की मोबाइल डिस्टचार्ज हो गया होगा, इसलिए उसके लौटने का इंतजार करने लगीं और घरों में काम करने चली गई। वापस लौटने पर जब कृष्णा को घर में नहीं पाया तो मां ने उसकी तलाश शुरू कराई। वहीं दोनों भाइयों को जब पता चला कि कृष्णा सोमवार से घर नहीं आया है तो वह भी अपने मित्रों के साथ उसे खोजने निकले। मंगलवार शाम को उसकी तलाश करते हुए एलएमएल चौकी पहुंचे। घटना का पता चलने पर चौकी इंचार्ज ने भाइयों को दादानगर रेलवे लाइन के किनारे मिले शव की फोटो दिखाई तो उन्होंने कृष्णा के रूप में पहचान की। खबर पाकर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने रंजिश, विवाद की जानकारी होने से मना किया, लेकिन हत्या कर शव ट्रैक किनारे फेंकने का आरोप लगाया है। पनकी पुलिस के अनुसार परिजनों के आरोपों की जांच की जा रही है। वही थाना प्रभारी पनकी ने बताया कि मामले कि जाँच पड़ताल कि जा रही।


