मेदिनीनगर शहर के कांदू मोहल्ला में शुक्रवार को रेलवे लाइन किनारे एक युवक का शव मिला। युवक की पत्थर से कूचकर हत्या की आशंका जताई गई है। शव झाड़ी में फेंका हुआ था। कांदू मोहल्ला की कुछ महिलाएं रेलवे लाइन किनारे शौच करने गई थीं। उन्होंने झाड़ी में शव देखकर आसपास के लोगों को सूचित किया। सूचना मिलने पर टीओपी 2 की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एमएमसीएच भेज दिया। शुरुआत में शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने मृतक की पहचान नहीं की। स्टेशन परिसर के आसपास घूमता था युवक बाद में मृतक की पहचान लेस्लीगंज के रहने वाले सुनील यादव के रूप में हुई। वर्तमान में कांदू मुहल्ले में रहता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह स्टेशन परिसर के आसपास घूमता था और छोटी-मोटी चोरियां करता था। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ज्योतिलाल रजवार ने बताया कि हत्या के कारणों और आरोपियों का पता लगाने के लिए अनुसंधान जारी है। जहां से शव बरामद हुआ, उससे कुछ दूरी पर गुरुवार सुबह गोली चलने की घटना हुई थी। आसपास के लोगों को पहले लगा था कि यह गोली चलाने वाले गोलू पासवान का शव है। हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि यह किसी अन्य युवक का शव है। मेदिनीनगर शहर के कांदू मोहल्ला में शुक्रवार को रेलवे लाइन किनारे एक युवक का शव मिला। युवक की पत्थर से कूचकर हत्या की आशंका जताई गई है। शव झाड़ी में फेंका हुआ था। कांदू मोहल्ला की कुछ महिलाएं रेलवे लाइन किनारे शौच करने गई थीं। उन्होंने झाड़ी में शव देखकर आसपास के लोगों को सूचित किया। सूचना मिलने पर टीओपी 2 की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एमएमसीएच भेज दिया। शुरुआत में शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने मृतक की पहचान नहीं की। स्टेशन परिसर के आसपास घूमता था युवक बाद में मृतक की पहचान लेस्लीगंज के रहने वाले सुनील यादव के रूप में हुई। वर्तमान में कांदू मुहल्ले में रहता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह स्टेशन परिसर के आसपास घूमता था और छोटी-मोटी चोरियां करता था। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ज्योतिलाल रजवार ने बताया कि हत्या के कारणों और आरोपियों का पता लगाने के लिए अनुसंधान जारी है। जहां से शव बरामद हुआ, उससे कुछ दूरी पर गुरुवार सुबह गोली चलने की घटना हुई थी। आसपास के लोगों को पहले लगा था कि यह गोली चलाने वाले गोलू पासवान का शव है। हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि यह किसी अन्य युवक का शव है।


