कैमूर के चैनपुर प्रखंड की मदुरना पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें आवास सहायक सौरभ पांडे को एक लाभार्थी से पैसे लेते हुए दिखाया गया है। यह वीडियो तेजी से फैला। वीडियो वायरल होने के बाद उप विकास आयुक्त (डीडीसी) दिव्य शक्ति ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आवास सहायक सौरभ पांडे को मदुरना पंचायत से हटा दिया गया है। उन्हें जिला समाहरणालय के ग्रामीण विकास विभाग (डीआरडीए) से संबद्ध किया गया है। जांच पूरी होने तक वे डीआरडीए कार्यालय में ही अपनी सेवाएं देंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा। लाभार्थियों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली अस्वीकार्य है। यह घटना PMAY-G जैसी कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती है। स्थानीय स्तर पर ऐसी शिकायतों में वृद्धि के बाद प्रशासन अब अधिक सतर्क हो गया है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। कैमूर के चैनपुर प्रखंड की मदुरना पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें आवास सहायक सौरभ पांडे को एक लाभार्थी से पैसे लेते हुए दिखाया गया है। यह वीडियो तेजी से फैला। वीडियो वायरल होने के बाद उप विकास आयुक्त (डीडीसी) दिव्य शक्ति ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आवास सहायक सौरभ पांडे को मदुरना पंचायत से हटा दिया गया है। उन्हें जिला समाहरणालय के ग्रामीण विकास विभाग (डीआरडीए) से संबद्ध किया गया है। जांच पूरी होने तक वे डीआरडीए कार्यालय में ही अपनी सेवाएं देंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा। लाभार्थियों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली अस्वीकार्य है। यह घटना PMAY-G जैसी कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती है। स्थानीय स्तर पर ऐसी शिकायतों में वृद्धि के बाद प्रशासन अब अधिक सतर्क हो गया है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।


