भास्कर न्यूज | चतरा शहर को हरित एवं जल-संरक्षण के दृष्टिकोण से सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में बुधवार देर शाम उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने विनय भारती पार्क के पीछे स्थित तालाब का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तालाब में चल रहे गहरीकरण, सौंदर्यीकरण एवं मरम्मती कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया।उपायुक्त ने कार्यों की गुणवत्ता, उपयोग की जा रही सामग्री तथा कार्य की गति की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं संवेदक को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाब का गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किया जाए, जिससे वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिले और जलस्तर में सुधार हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। सभी कार्य समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं, ताकि आमजन को इसका शीघ्र लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने तालाब के आसपास साफ-सफाई, संरचनात्मक मजबूती तथा भविष्य में इसके संरक्षण को लेकर भी आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तालाब के संरक्षण हेतु दीर्घकालीन योजना पर भी ध्यान दिया जाए, जिससे यह जलस्रोत आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके। भास्कर न्यूज | चतरा शहर को हरित एवं जल-संरक्षण के दृष्टिकोण से सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में बुधवार देर शाम उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने विनय भारती पार्क के पीछे स्थित तालाब का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तालाब में चल रहे गहरीकरण, सौंदर्यीकरण एवं मरम्मती कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया।उपायुक्त ने कार्यों की गुणवत्ता, उपयोग की जा रही सामग्री तथा कार्य की गति की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं संवेदक को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाब का गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किया जाए, जिससे वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिले और जलस्तर में सुधार हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। सभी कार्य समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं, ताकि आमजन को इसका शीघ्र लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने तालाब के आसपास साफ-सफाई, संरचनात्मक मजबूती तथा भविष्य में इसके संरक्षण को लेकर भी आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तालाब के संरक्षण हेतु दीर्घकालीन योजना पर भी ध्यान दिया जाए, जिससे यह जलस्रोत आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।


