भास्कर न्यूज | गढ़वा उपायुक्त दिनेश यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए फरियादियों की समस्याएं बारी-बारी से सुनी गईं और निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया। जनसुनवाई कार्यक्रम में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, विभिन्न योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन, बकाया मजदूरी भुगतान सहित 63 आवेदन प्राप्त हुआ। उपायुक्त ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना और ससमय समाधान करने के लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया। गढ़वा प्रखंड के गुरदी गांव निवासी झरी पासवान ने आवेदन के माध्यम से बताया कि उनकी जमीन पर अन्य व्यक्तियों द्वारा मिट्टी भरकर बिक्री की जा रही है। विरोध करने पर उन्हें और उनके पुत्र को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने अंचल कार्यालय में शिकायत भी की और भूमि सीमांकन के लिए आवेदन दिया था, किंतु अब तक न तो सीमांकन कराया गया है और न ही दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई हुई है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। चिनियां प्रखंड के कठौतिया गांव निवासी रंजीत कुमार यादव ने बताया कि उनकी 14 वर्षीय पुत्री को नियमित रूप से डायलसिस कराना पड़ता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत दो दुधारू गाय उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, ताकि आय का साधन विकसित कर वे अपनी पुत्री का समुचित इलाज करा सकें। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को मामले पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। रंका प्रखंड के बाराडीह गांव निवासी अफरोजा बीबी ने बताया कि उन्हें मनरेगा अंतर्गत कूप निर्माण का कार्यादेश प्राप्त हुआ था। खुदाई एवं बंधाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है मुखिया द्वारा सामग्री भी उपलब्ध कराई गई, किंतु अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया है। उपायुक्त ने मामले की जांच कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। गढ़वा प्रखंड के करके गांव निवासी प्रभावती कुमारी ने बताया कि उनकी दिव्यांग पेंशन पिछले दस माह से बंद है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं उनके भाई कमलेश प्रजापति ने नए ट्राईसाइकिल की मांग की, ताकि आवागमन में सुविधा हो सके। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिया। इस प्रकार जनसुनवाई के दौरान अन्य फरियादियों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं।


